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जहाज रोकने पर पाकिस्तान बोला- गलत एक्शन लिया भारत ने: मुंबई में रोका था कराची जा रही चीनी शिप, मशीनरी मिली मिसाइल से जुड़ी /#INTERNATIONAL

इस्लामाबाद

तस्वीर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच की है। (फाइल)

चीन से पाकिस्तान जा रहे जहाज को मुंबई पोर्ट पर रोकने के मामले में पाकिस्तान का बयान सामने आया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने कहा- भारतीय मीडिया हमेशा से गलत तथ्यों को पेश करता आया है।

मुमताज ने भारत की तरफ से की जा रही कार्रवाई को नाजायज करार देते हुए कहा- कराची के एक कंपनी चीन से लेथ मशीन (कलपुर्जे बनाने की मशीन) इम्पोर्ट कर रही थी। वो ऑटोमोबाइल कंपनियों को पार्ट्स सप्लाई करती है। यह एक साधारण सा मामला है। जो मशीन मंगाई गई है, उससे साबित होता है कि यह सिविलियन सप्लाई से जुड़ा मसला है। सारे ट्रैंजेक्शन को भी पारदर्शी रखा गया है।

मुमताज ने कहा- इस तरह की कार्रवाई फ्री ट्रेड में बाधा डालती है। यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों के खिलाफ है। जियो न्यूज के मुताबिक, मामले में चीन का बयान भी सामने आया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा- जो मशीन सप्लाई की गई है, वो पुर्जे बनाने में इस्तेमाल होती है। वो किसी मिलिट्री इक्विपमेंट में इस्तेमाल नहीं की जा सकती।

तस्वीर उस शिपमेंट की है, जो जहाज पर मौजूद था। भारतीय सुरक्षा अधिकारियों ने इसे जब्त कर लिया है।

तस्वीर उस शिपमेंट की है, जो जहाज पर मौजूद था। भारतीय सुरक्षा अधिकारियों ने इसे जब्त कर लिया है।

भारत ने 23 जनवरी को मुंबई पोर्ट पर रोका था चीनी जहाज
दरअसल, 23 जनवरी को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान जा रहे चीनी जहाज को मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट पर रोक दिया था। एजेंसियों को जहाज में संदिग्ध सामान होने की आशंका थी, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए कर सकता है।

यह जहाज कराची जा रहा था। इस पर इटली की एक कंपनी की कम्प्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (CNC) मशीन मौजूद थी। इसके बाद DRDO की एक टीम ने भी मशीन और जहाज पर मौजूद दूसरे सामानों का निरीक्षण किया। DRDO की टीम ने पुष्टि की है कि CNC मशीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम में किया जा सकता है।

भारत के स्पेशल इंटेलिजेंस अफसरों ने जहाज के सामान को जब्त किया
जहाज से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक सामान शंघाई JXE लॉजिस्टिक्स कंपनी से भेजा गया था जो सियालकोट में पाकिस्तान विंग्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पहुंचने वाला था। हालांकि जांच के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि जहाज पर मौजूद सामान का वजन 22 हजार किलो से ज्यादा था। इसे ताइयुआन माइनिंग कंपनी ने भेजा था और यह पाकिस्तान की कॉस्मोस इंजीनियरिंग कंपनी पहुंचने वाला था।

पोर्ट पर मौजूद अधिकारियों ने भारत के स्पेशल इंटेलिजेंस अफसरों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद इन अफसरों ने कार्गो की दोबारा जांच की और उसे जब्त कर लिया। बता दें कि पाकिस्तान की कॉस्मोस इंजीनियरिंग कंपनी एक डिफेंस सप्लायर है। यह मार्च 2022 में उस वक्त निगरानी में आई जब कंपनी ने इटली से थर्मोइलेक्ट्रिक सामान को जहाज के जरिए कराची लाने की कोशिश की थी।

तस्वीर बिल ऑफ लैंडिंग की है, जिस पर सामान भेजने वाली चीनी कंपनी और इसे रिसीव करने वाली पाकिस्तानी कंपनी का नाम है।

तस्वीर बिल ऑफ लैंडिंग की है, जिस पर सामान भेजने वाली चीनी कंपनी और इसे रिसीव करने वाली पाकिस्तानी कंपनी का नाम है।

भारतीय अधिकारियों ने पहले भी जब्त किए कार्गो
बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब भारत ने चीन से पाकिस्तान जाने वाले ऐसे सामान को जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल मिलिट्री में भी हो सकता है। फरवरी 2020 में चीन ने इंडस्ट्रियल ड्रायर के धोखे में पाकिस्तान को ऑटोक्लेव सप्लाई करने की कोशिश की थी। इसका इस्तेमाल बैलिस्टिक मिसाइलों को लॉन्च करने के लिए किया जाता है।

जून 2023 में अमेरिकी उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो (BIS) ने चीन की 3 कंपनियों पर कई प्रतिबंध लगाए थे। इन पर आरोप था कि ये पाकिस्तान को उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम से जुड़े सामान भेजने की कोशिश में थीं।

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