चुनौती देने वाली पिटीशंन पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की
कॉन्स्टीट्यूशन बेंच सुनवाई कर सकती है। इनमें एक पिटीशन हाल ही में दायर
की गई है, जबकि दूसरी तीन जजों की बेंच के पास पहले से ही पेंडिंग है। सभी पार्टियां एकजुट…
– बता दें कि आर्टिकल 35A हटाने की कोशिशों के खिलाफ राज्य की सभी पार्टियां एकजुट हो गई हैं।
– नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट फारुख अब्दुल्ला ने यहां तक कहा है कि 35A को हटाया तो राज्य में विद्रोह हो जाएगा।
– महबूबा मुफ्ती ने हाल ही में इसे लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने
कहा था कि अगर राज्य के कानूनों से छेड़छाड़ हुई तो कश्मीर में तिरंगा थामने
वाला कोई नहीं होगा।
– नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट फारुख अब्दुल्ला ने यहां तक कहा है कि 35A को हटाया तो राज्य में विद्रोह हो जाएगा।
– महबूबा मुफ्ती ने हाल ही में इसे लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने
कहा था कि अगर राज्य के कानूनों से छेड़छाड़ हुई तो कश्मीर में तिरंगा थामने
वाला कोई नहीं होगा।
मोदी से मिली थीं मुफ्ती
– इस मुद्दे पर चल रही बहस के बीच शुक्रवार को महबूबा मुफ्ती ने नरेंद्र मोदी
से मुलाकात की थी। पीएम से मिलने के बाद मुफ्ती ने कहा था कि हमारे एजेंडे
में यह तय था कि आर्टिकल 370 के तहत राज्य को मिल रहे स्पेशल स्टेटस में
कोई बदलाव नहीं होगा। पीएम ने भी इस मुद्दे पर सहमति जताई है।
– इस मुद्दे पर चल रही बहस के बीच शुक्रवार को महबूबा मुफ्ती ने नरेंद्र मोदी
से मुलाकात की थी। पीएम से मिलने के बाद मुफ्ती ने कहा था कि हमारे एजेंडे
में यह तय था कि आर्टिकल 370 के तहत राज्य को मिल रहे स्पेशल स्टेटस में
कोई बदलाव नहीं होगा। पीएम ने भी इस मुद्दे पर सहमति जताई है।
उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर लगाया आरोप
–
जम्मू-कश्मीर सीएम रहे उमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे पर बीजेपी पर निशाना
साधा है। उन्होंने कहा कि इससे कश्मीर को तो फायदा होगा, लेकिन जम्मू पर
उलटा असर होगा।
– उन्होंने कहा कि अगर कोई शख्स जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदना चाहता है वह
क्या कश्मीर के नियमों का पालन करेगा? यहां तक कि कश्मीर में रहने वाले लोग
वहां सुरक्षित महसूस नहीं करते। उन्होंने कहा कि जो लोग कश्मीर में जमीन
खरीदने की मंशा रखते हैं उनसे लिखित में लेना चाहिए की कश्मीर में जमीन
खरीदने और नौकरियों की तलाश करने से पहले वे जम्मू पहुंचेंगे।
जम्मू-कश्मीर सीएम रहे उमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे पर बीजेपी पर निशाना
साधा है। उन्होंने कहा कि इससे कश्मीर को तो फायदा होगा, लेकिन जम्मू पर
उलटा असर होगा।
– उन्होंने कहा कि अगर कोई शख्स जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदना चाहता है वह
क्या कश्मीर के नियमों का पालन करेगा? यहां तक कि कश्मीर में रहने वाले लोग
वहां सुरक्षित महसूस नहीं करते। उन्होंने कहा कि जो लोग कश्मीर में जमीन
खरीदने की मंशा रखते हैं उनसे लिखित में लेना चाहिए की कश्मीर में जमीन
खरीदने और नौकरियों की तलाश करने से पहले वे जम्मू पहुंचेंगे।
35A की वजह से बाहरी लोग नहीं खरीद सकते जमीन
– बता दें कि आर्टिकल 35A और 370 एक्ट के तहत जम्मू कश्मीर में बाहर नागरिक जमीन नहीं खरीद सकते हैं।
– इस धारा के तहत कोई भी बाहरी नागरिक जम्मू कश्मीर का नागरिक नहीं बन सकता है।
बाहरी लड़के से शादी की तो खत्म हो जाता है हक
– आर्टिकल 35A के तहत जम्मू-कश्मीर की लडकी अगर राज्य से बाहर के किसी लडके
से शादी करती है तो इस आर्टिकल के तहत मिले उसके और उसके होने वाले बच्चों
के सारे हक खत्म हो जाते हैं।
– आर्टिकल 35A के तहत जम्मू-कश्मीर की लडकी अगर राज्य से बाहर के किसी लडके
से शादी करती है तो इस आर्टिकल के तहत मिले उसके और उसके होने वाले बच्चों
के सारे हक खत्म हो जाते हैं।
दो पिटीशन हैं SC में
– राज्य में आर्टिकल 35A को खत्म करने को लेकर दो पिटीशन पेंडिंग हैं। एक पिटीशन चारू वाली खन्ना ने दायर की है।
– इस आर्टिकल को खत्म करने के लिए 2014 में एक एनजीओ ने भी सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की थी, जो अभी भी पेंडिंग है।





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