Press "Enter" to skip to content

मंगल पर तीन साल का होगा सफर, अंतरिक्ष में बनेगा बगीचा ! International News

Mars Mission: मंगल पर तीन साल का होगा सफर, अंतरिक्ष में बनेगा बगीचा
वाशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा साल 2030 तक लाल ग्रह मंगल पर मानव मिशन भेजने की तैयारी कर रहा है। मंगल पर जाने और वहां से धरती पर वापसी की यह यात्रा तीन साल लंबी हो सकती है। इतने लंबे मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को खाना उपलब्ध कराना बड़ी समस्या हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में 340 दिन बिताने का रिकॉर्ड बना चुके अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री स्कॉट केली ने कहा कि मिशन के दौरान हर दूसरे या तीसरे महीने मेरे पास ताजी सब्जियां और फल पहुंचाए जाते थे। लेकिन मंगल मिशन पर यह संभव नहीं हो पाएगा।
खाने की इस समस्या को दूर करने के लिए वैज्ञानिक अंतरिक्ष में फल-सब्जी उगाना चाहते हैं ताकि पैकेट बंद आहार पर अंतरिक्ष यात्रियों की निर्भर ना रहना पड़े। नासा इससे पहले ही लेटस (सलाद के तौर पर इस्तेमाल में आने वाली पत्तियां) के साथ कुछ अन्य पत्तेदार सब्जियां अंतरिक्ष में उगाने में सफल हो चुकी है। अब वह पहली बार किसी फलदार पौधे को अंतरिक्ष में उगाना चाहती है।

इसके प्रयोग के लिए मिर्च के पौधे का चयन किया गया है। पृथ्वी पर अंतरिक्ष की तरह के वातावरण में इस पौधे को उगाने के लिए परीक्षण किया जा रहा है। जल्द ही इसको अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो आगे चलकर अंतरिक्ष में टमाटर और स्ट्राबेरी के साथ आलू आदि उगाने के रास्ता साफ हो जाएगा।
अंतरिक्ष में खेती क्यों जरूरी अंतरिक्ष में अनाज उगाने के अभियान से जुड़े नासा के वैज्ञानिक जॉय डी मासा ने कहा, ‘हमारे पास भले ही कितने भी विकल्प हों लेकिन सिर्फ पैकेट बंद आहार मंगल मिशन के लिए काफी नहीं होगा। अभी तक ऐसा कोई खाद्य पदार्थ उपलब्ध नहीं है जो इतने लंबे मिशन तक चले। ऐसे में अंतरिक्ष यात्री को खाने की कमी से जूझना पड़ सकता है। यह मिशन के लिए किसी भी लिहाज से सही नहीं होगा। इसीलिए अंतरिक्ष में भोजन उगाना जरूरी है।’

अंतरिक्ष में उगाए जाने वाले पहले फलदार पौधे के तौर पर मिर्च का चुना जाना काफी अहम है। इनकी खेती पत्तेदार पौधे से काफी अलग तरीके से की जाती है। इसमें विटामिन सी की मात्रा काफी होती है। यह पोषक तत्व अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बेहद जरूरी है। अंतरिक्ष में सूंघने और चखने की क्षमता घट जाती है। ऐसी स्थिति के लिए मिर्च सहायक हो सकती है।
सबसे पहले रूसी वैज्ञानिकों ने की थी खेती इस सदी के शुरुआती वर्षों में रूसी वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में मटर उगाने में सफलता पाई थी। उसके बाद नासा लेटस के साथ ही चीनी पत्तागोभी और अन्य सब्जियां उगाने में सफल हुआ था।
More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!