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 फरार हुआ सबसे खतरनाक अपराधी इक्वाडोर की जेल से: राष्ट्रपति को इमरजेंसी लगानी पड़ी ढूंढने के लिए , हजारों सैनिक तैनात सड़कों पर / #INTERNATIONAL

तस्वीर इक्वाडोर के ड्रग तस्करी गिरोह के सरगना एडोल्फ मासियास उर्फ फीटो की है। (फाइल) - Dainik Bhaskar

तस्वीर इक्वाडोर के ड्रग तस्करी गिरोह के सरगना एडोल्फ मासियास उर्फ फीटो की है। (फाइल)

साउथ अमेरिका के देश इक्वाडोर की जेल से देश के सबसे खतरनाक अपराधी के फरार होने के बाद 60 दिन की इमरजेंसी लगाई दी गई है। अपराधी का नाम एडोल्फो मासियास विलामर है, जो लॉस कोनेरोस गैंग का लीडर है। पिछले कुछ समय में इक्वाडोर की जेलों में हुए कई घातक दंगों के पीछे इसी गैंग का हाथ रहा है।

एडोल्फो को फीटो नाम से भी जाना जाता है। उसे इक्वाडोर की सबसे ज्यादा सुरक्षा वाली जेल में रखा गया था। इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने कहा- देश में ड्रग तस्करी, हत्याओं और दूसरे अपराधों के लिए जिम्मेदार लोग का समय अब खत्म हो रहा है। हम आतंकियों के साथ बातचीत नहीं करेंगे। जब तक इक्वाडोर में शांति नहीं हो जाती, तब तक हम सुकून से नहीं बैठेंगे।

फुटेज में इक्वाडोर की जेल के बाहर पुलिसकर्मी तैनात नजर आ रहे हैं। वहीं जेल की छत पर नकाबपोश कैदी मौजूद हैं।

फुटेज में इक्वाडोर की जेल के बाहर पुलिसकर्मी तैनात नजर आ रहे हैं। वहीं जेल की छत पर नकाबपोश कैदी मौजूद हैं।

6 जेलों में गार्ड्स को बंधक बनाया गया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इक्वाडोर सरकार के प्रवक्ता रॉबर्टो इजुरीटा ने कहा- फीटो को ढूंढने के लिए हजारों सैनिकों और पुलिसकर्मियों को सड़कों पर उतारा गया है। फीटो के गायब होने के साथ ही इक्वाडोर की 6 जेलों में गार्ड्स को बंधक बना लिया गया है। सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे कई वीडियो में नकाबपोश कैदी चाकू लेकर गार्ड्स को धमकाते नजर आ रहे हैं।

इसके बाद बड़ी संख्या में हथियारों के साथ पुलिस और सैन्य कर्मी अलग-अलग जेलों में दाखिल हुए। यहां मौजूद अपराधियों को जेल के कोर्टयार्ड में इकट्ठा किया गया। इमरजेंसी के तहत देशभर में सभाओं पर रोक और रात में कर्फ्यू का प्रावधान है।

फीटो को 2011 में हुई थी 34 साल जेल की सजा
एडोल्फ मासियास लॉस कोनोरोस गिरोह का सरगना है। 2011 में ड्रग तस्करी और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में उसे 34 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। अगस्त 2023 में उसे सबसे ज्यादा सुरक्षा वाली जेल में शिफ्ट किया गया था। इस काम में हजारों सैनिकों को लगाया गया था। फीटो पर इक्वाडोर में चुनाव से पहले राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रहे फर्नांडो विलावीसेंशियो की हत्या का भी आरोप है।

दरअसल, फर्नांडो अपने चुनाव प्रचार के दौरान भ्रष्टाचार, ड्रग्स और देश में अपराध फैलाने वाले गिरोहों पर लगाम कसने की बात करते थे। हत्या से पहले फीटो ने फर्नांडो को कई बार धमकियां भी दी थीं। फीटो इससे पहले 2013 में भी जेल से फरार हो गया था। तब 3 महीने बाद उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया था।

इक्वाडोर में इमरजेंसी के बाद फीटो को पकड़ने के लिए हजारों सैनिकों को तैनात किया गया है।

इक्वाडोर में इमरजेंसी के बाद फीटो को पकड़ने के लिए हजारों सैनिकों को तैनात किया गया है।

2021 में इक्वाडोर की जेल में मारे गए 460 कैदी
कोकीन एक्सपोर्ट के मामले में टॉप देश कोलंबिया और पेरू के बीच में मौजूद इक्वाडोर में पिछले कुछ सालों से मैक्सिकन और कोलंबियाई कनेक्शन वाले गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। इस वजह से यहां कई बार हिंसा होती रहती है।

गैंगवार बड़े पैमाने पर देश की जेलों में होते हैं, जहां फीटो जैसे आपराधिक नेताओं का कंट्रोल है। 2021 से इन लड़ाइयों में लगभग 460 कैदी मारे गए थे। इनके शवों को अक्सर काटकर फेंक दिया जाता है।

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