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इज़राइली 6 महीने से कैद हमास के पास: हजारों लोग सड़कों पर उतरे नेतन्याहू के खिलाफ, कार ने रौंदा प्रदर्शनकारियों को /INTERNATIONAL

तेल अवीव

इजराइली प्रदर्शनकारियों ने हमास की कैद से बंधकों की रिहाई और PM नेतन्याहू के इस्तीफे की मांग की।

इजराइल-हमास जंग को 6 महीने पूरे हो चुके हैं। इस बीच इजराइली नागरिकों में प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। राजधानी तेल अवीव समेत 50 जगहों पर शनिवार को हजारों प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे।

इजराइल के चैनल 13 के मुताबिक, इसमें 45 हजार लोग शामिल हुए। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनके साथ 1 लाख लोग मौजूद थे। उन्होंने हमास की कैद से इजराइली बंधकों को छुड़ाए जाने और नेतन्याहू के इस्तीफे और देश में जल्द चुनाव होने की मांग की।

तेल अवीव में शनिवार को प्रदर्शन के दौरान एक कार ने लोगों को रौंद दिया। इसमें 5 प्रदर्शनकारी घायल हुए।

तेल अवीव में शनिवार को प्रदर्शन के दौरान एक कार ने लोगों को रौंद दिया। इसमें 5 प्रदर्शनकारी घायल हुए।

कार ने प्रदर्शनकारियों को रौंदा
उन्होंने इजराइल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर बेन गवीर को आतंकवादी बताया। तेल अवीव में प्रदर्शन के बीच पुलिस और लोगों में झड़प भी हुई। इस दौरान एक कार ने कुछ प्रदर्शनकारियों को रौंद दिया। इसमें 5 लोग घायल हुए।

कतर के मीडिया अलजजीरा के मुताबिक, जंग 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल-हमास जंग शुरू होने के बाद से इजराइल में हर शनिवार इस तरह के प्रदर्शन हो रहे हैं। दरअसल, इजराइली सेना ने अब तक राफा छोड़कर लगभग पूरे गाजा पर कब्जा कर लिया है। वहीं हमास ने अब भी इजराइल के कई नागरिकों को बंधक बना रखा है।

हमास की कैद में एक और इजराइली बंधक की मौत
इजराइल के कैसरिया शहर में लोगों ने PM नेतन्याहू के निजी घर के बाहर भी रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों के हाथ में पोस्टर थे, जिस पर ‘एलाद हमें माफ कर दो’ लिखा हुआ था। दरअसल, शनिवार को इजराइली सेना ने बताया कि जनवरी में फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद ने एलाद काट्जिर नाम के एक इजराइली बंधक की हत्या कर दी थी। उसका शव शुक्रवार (5 अप्रैल) को बरामद हुआ।

इस प्रदर्शन में उन लोगों के परिजनों ने भी हिस्सा लिया, जिनके अपनों को हमास ने बंधक बना रखा है। रैली के बीच भाषण में एक वक्ता ने बताया, “हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को 253 लोगों को बंधक बनाया था। इनमें से करीब 130 इजराइली नागरिक अब भी हमास की कैद में हैं।”

किबुत्ज होलित के फाउंडर बोले- 7 अक्टूबर को सरकार ने कोई मदद नहीं की
इजराइल के किबुत्ज होलित समुदाय के फाउंडर अनत गिलोर ने कहा, “7 अक्टूबर को हुए हमले के वक्त हम अपने सेफ रूम में छिपे थे। आतंकियों ने हमारे समुदाय के 15 लोगों की हत्या कर दी थी। लेकिन सरकार ने हमारी कोई मदद नहीं की। हमले के बाद किसी ने हमसे माफी तक नहीं मांगी। किबुत्ज ने उस वक्त कसम खाई थी कि वो नेतन्याहू सरकार को कभी माफ नहीं करेगी।”

टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, रविवार को भी सैकड़ों प्रदर्शनकारी यरूशलम में इजराइली संसद नेसेट की इमारत के सामने जुटेंगे। इस दौरान ‘राष्ट्रीय जीत- बंधकों की वापसी’के नारे लगाए जाएंगे। इस दौरान लोगों के यरूशलम पहुंचने के लिए देशभर में सवारियों का भी अरेंजमेंट किया जा रहा है।

‘अल-अक्सा फ्लड’ के खिलाफ इजराइल का ऑपरेशन ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’
हमास ने इजराइल पर 7 अक्टूबर को हमला किया था। उसने इजराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन को ‘अल-अक्सा फ्लड’ नाम दिया। इसके जवाब में इजराइल की सेना ने हमास के खिलाफ ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’ ऑपरेशन शुरू किया।

हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ ने कहा था- ये हमला यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजराइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। दरअसल, इजराइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंके थे।

वहीं, हमास के प्रवक्ता गाजी हामद ने अल जजीरा से कहा था- ये कार्रवाई उन अरब देशों को हमारा जवाब है, जो इजराइल के साथ करीबी बढ़ा रहे हैं। हाल ही के दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की पहल पर सऊदी अरब इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दे सकता है।

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