ग्वालियर। नाबालिगों के अपहरण व मानव तस्करी की दोषी लक्ष्मीबाई को सत्र न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों में पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा दी और पांच-पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। इन्हीं दो मामलों में कोर्ट ने दो अन्य लोगों को भी यही सजा से दंडित किया है। मंगलवार को न्यायाधीश गौतम भट्ट ने दोनों मामलों में फैसला सुनाते हुए कहा- आरोपियों ने गंभीर अपराध किया है, जो कि समाज के विरुद्ध है।
प्रकरण की जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक कुलदीप दुबे ने बताया कि आरोपी लक्ष्मी बाई पूर्व से ही बच्चों की तस्करी के मामले में सजा काट रही है। वर्ष 2017 में पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया था कि 20 जनवरी 2015 को वह और उसके साथियों ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक-1 से नाबालिग का अपहरण किया और डबरा ले गए थे।
वहीं एक अन्य मामले में 2 फरवरी 2016 को भी इसी स्थान से नाबालिग का अपहरण करने की बात स्वीकारी। एक मामले में लक्ष्मीबाई व राजू को व दूसरे मामले में लक्ष्मीबाई व राम मिलन को आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) व धारा 370 (मान





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