माता-पिता द्वारा मोबाइल नहीं दिलाने से नाराज युवती
ने फंदा गले में डाल कर आत्महत्या की कोशिश की। जब तक वह फांसी लगा पाती,
मां ने पुलिस को कॉल कर लिया। पास ही तैनात डायल 100 के जवानों ने दरवाजा
तोड़कर छात्रा की जान बचाई। बताया जा रहा है, यदि पुलिस पहुंचने में पांच
मिनट भी देर कर देती, तो छात्रा की जान पर बन आती। घटना रविवार सुबह
अंबेडकर नगर डबरा की है। पुलिस ने छात्रा को समझाया, उसके बाद माता-पिता के
साथ घर भेज दिया।

ग्वालियर। अंबेडकर नगर निवासी 20 वर्षीय
युवती बीएससी सेकंड ईयर की छात्रा है। वह ग्वालियर के गर्ल्स कॉलेज से पढ़ाई
कर रही है। वह माता-पिता से लगातार मोबाइल दिलाने की जिद कर रही थी।
रविवार सुबह इसी बात पर वह नाराज हो गई। उसने अपना बैग उठाया और शहर के लिए
आने लगी। परिजन ने उसे समझाने और रोकने का प्रयास किया, पर वह नहीं मानी।
इसके बाद उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया।
परिजन
ने खिड़की से देखा, तो वह तौलिए से फंदा बना रही थी। मां ने तत्काल पुलिस
को कॉल कर दिया। पास ही तैनात डायल 100 पर पदस्थ आरक्षक इंद्रपाल सिंह,
भूपेन्द्र व चालक विनोद पचौरी मौके पर पहुंचे। जब वे पहुंचे, तो छात्रा गले
में फंदा डाल चुकी थी। तत्काल पुलिस जवानों ने दरवाजा तोड़कर छात्रा के गले
से फंदे निकाला।
थाने में परामर्श के बाद मानी छात्रा
घटना
के बाद भी छात्रा बहुत नाराज थी। पुलिस जवानों से भी गुस्से में बात कर
रही थी। इस पर उसे थाने ले जाया गया। यहां अफसरों ने उससे बात कर समझाया,
तब जाकर वह सामान्य हुई। पुलिस ने परिजन को भी चेतावनी दी है कि बच्ची को
घर जाकर परेशान न करें।






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