ग्वालियर . गर्भपात करने के शक में गजरा राजा मेडिकल काॅलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रतिभा गर्ग को नौ घंटे तक थाने में बैठाने का मामला रविवार काे भी गर्म रहा। रविवार को डॉक्टरों ने काम बंद हड़ताल की। प्रशासनिक अफसरों व कांग्रेस के दो विधायकों के मध्यस्थता करने के बाद भी जब डॉक्टर डिप्टी कलेक्टर दीपशिखा भगत को हटाने पर अड़े रहे तो आखिरकार कलेक्टर अनुराग चौधरी ने उन्हें शहर से हटाकर घाटीगांव का एसडीएम बना दिया।
डॉक्टरों और प्रशासन के बीच समझौता इस बात पर हुआ है कि स्टिंग के आधार पर अब डॉ. प्रतिभा गर्ग के खिलाफ प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करेगा। कलेक्टर चौधरी ने एसडीएम को हटाने व डॉ. प्रतिभा गर्ग के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की पुष्टि की है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले शनिवार को डिप्टी कलेक्टर दीपशिखा भगत ने सिटी सेंटर में गर्ग मदर एंड चाइल्ड केयर क्लीनिक पर गर्भपात होने के संदेह में स्टिंग किया था। इसके बाद महिला डॉक्टर प्रतिभा गर्ग को 9 घंटे तक विवि थाने में बैठाकर पूछताछ की गई थी।
सात घंटे तक चर्चा के बाद डॉक्टरों की हड़ताल स्थगित
स्टिंग प्रक्रिया की जांच के लिए टीम बनाई जाएगी : हड़ताल पर गए डॉक्टरों ने डिप्टी कलेक्टर की स्टिंग प्रक्रिया की जांच को लेकर भी मांग रखी। इसे कलेक्टर ने गंभीरता से नहीं लिया। एडीएम संदीप केरकेट्टा ने कहा, स्टिंग में प्रक्रिया का पालन हुआ है या नहीं, इसको लेकर सोमवार को जांच कमेटी बनाई जाएगी। इसमें कितने सदस्य होंगे, यह आदेश जारी होने के बाद ही तय हो सकेगा।
अफसरों के अलावा दो विधायकों ने भी बात की लेकिन डॉक्टर नहीं माने : नाराज डॉक्टरों से चर्चा के लिए एडीएम संदीप केरकेट्टा व जिला पंचायत सीईओ शिवम वर्मा सुबह 10.30 बजे जेएएच पहुंचे। इन्होंने न तो कुछ कहा और न किसी से बात की। दोनों अधिकारी सिर्फ डॉक्टरों के आंदोलन पर नजर रखे थे। इसके बाद कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक और मुन्नालाल गोयल पहुंचे और इनके बाद कलेक्टर अनुराग चौधरी। दो दौर की बातचीत के बाद कोई हल नहीं निकला और डॉक्टर डिप्टी कलेक्टर दीपशिखा को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे तो कलेक्टर ने दीपशिखा को अमित बमरोलिया के स्थान पर घाटीगांव एसडीएम पदस्थ करने की घोषणा कर दी। बमरोलिया का तबादला सिवनी हो चुका है।





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