शिवपुरी। गुरूवार को मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा से जुड़े र्कचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी और विरोध प्रदर्शन किया। नारेबाजी कर अफसरों को ज्ञापन दिया गया और मांगों के शीघ्र निराकरण के लिए गुहार लगाई।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ द्वारा प्रांतीय आव्हान पर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर गुरूवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया। ज्ञापन में बताया कि संयुक्त मोर्चा के प्रदेश व्यापी तीन चरणाों में आंदोलन के तहत 29 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर हैं साथ ही बताया कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालाें में राजकुमार सरैया, राजेंद्र पिपलौदा, धीरजसिंह राजपूत, प्रकाश पांडेय,मनोज भार्गव, दुबेजी बाथम, धमेंद्रसिंह रघुवंशी, सुरेशसिंह जादौन, अंजना गौर, गोविंद श्रीवास्तव, पवन अवस्थी, अरविंद सरैया, सुनील वर्मा, विपिन पचौरी, दुर्गा प्रसाद ग्वाल, हरीश शाक्य, बाबू खाां, अशोक सक्सैना, कल्याणिंसह वर्मा, राजेंद्र जैन, राजीव पुरोहित, हिम्मत,मोहम्मद रासिद, मनमोहन जाटव, संतोष रजक, चंद्रभान आदि संघ के सदस्य शामिल थे।
यह रखी प्रमुख मांगे
प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्रीय कर्मचारियों के समान केंद्रीय तिथि से 16 प्रतिशत मंहगाई भत्ता का भुगतान किया जाए।
कर्मचारी अधिकारियों की पदोन्नति अति शीघ्र शुरू की जाए।
गृह भाड़ा भत्ता व अन्य भत्ते सातवें वेतनमान अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों के समान दिया जाए।






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