शिवपुरी। नवगठित नगर परिषद मगरौनी में ग्राम पंचायताें द्वारा फर्जी कर्मचारियों की लिस्ट के मामले में राेज नए खुलासे हो रहे हैं। प्रशासनिक जांच शुरू होने से पहले ही एक-एक कर पाेल खुल रही हैं। इस बार निजामपुर ग्राम पंचायत की गोशाला से संबंधित मामला सामने अाया है। सरपंच व सचिव ने गोशाला में चार कर्मचारी कार्यरत बताए हैं। नगर परिषद को सौंपे रिकाॅर्ड में चार कर्मचारियों की नियुक्ति साल 2018 में दर्शाईं है जबकि उस वक्त निजामपुर में गोशाला बनना तो दूर स्वीकृत तक नहीं हुई थी।
मध्यप्रदेश में सबसे पहली गोशाला निजामपुर में नवंबर 2019 में बनी थी। कांग्रेस सरकार के तत्कालीन पशुपालन मंत्री रहे लाखन सिंह यादव ने ग्राम पंचायत निजामपुर में 2 नवंबर 2019 को गोशाला का शुभारंभ किया था। इससे जाहिर है कि सचिव हनुमंत सिंह ने नगर परिषद मगरौनी में कर्मचारियों की फर्जी लिस्ट बनाकर सौंपी है। ग्राम पंचायतों द्वारा कर्मचारियों की फर्जी लिस्टों की जांच के लिए कलेक्टर के निर्देश पर जांच दल सोमवार को ही गठित हो चुका है। जांच सात दिन में पूरी होना है।
निजामपुर सचिव ने नगर परिषद दफ्तर में सौंपी लिस्ट में गौशाला में पांच कर्मचारियों में दीपक, अमित, रणवीर, नारायण और जगदीश का नाम है जबकि धरातल पर गोशाला में पप्पू कुशवाह व उसकी पत्नी ही काम कर रहे हैं। लिस्ट में दर्शाए लोग गोशाला में काम नहीं कर रहे। पप्पू ने बताया कि गोशाला में वह अपनी पत्नी के संग काम करता है। बाकी कोई भी गौशाला में काम नहीं करता है। इसके बावजूद उसका और पत्नी का नाम सूची में नहीं है।






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