बदरवास। जनपद की ग्राम पंचायत मागरौल में पिछले साल फर्म को 12.59 लाख रुपए का फर्जी भुगतान कर दिया। दस महीने पहले बिना काम कराए फर्जी भुगतान के मामले में जांच के बाद जनपद सीईओ ने महिला सरपंच, उसके पति, सचिव, डाटा एंट्री ऑपरेटर, फर्म संचालक सहित सात लोगों के खिलाफ गुरुवार को केस दर्ज करा दिया है।
जनपद सीईओ सुमन चौहान के पत्र पर सहायक लेखा अधिकारी मायाराम सगर नेबदरवास पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दरअसल ग्राम पंचायत मागरौल के खाता क्रमांक 32154785268 के बैंक स्टेटमेंट की जांच में पता चला कि 2020-21 में 1 अप्रैल 2020 से 5 नवंबर 2020 तक 29 सितंबर को 2.64 लाख रु., 6900 रु., 6900 रु., 78 हजार, 50 हजार 25 रु., 53 हजार 500 रु., 30 सितंबर को 2 लाख 34 हजार 800 रु., 2 लाख 65 हजार 200 रुपए 1 अक्टूबर को 2.10 लाख रु. और 50 हजार रु. के भुगतान फर्म यादव ट्रेडर्स में हुए हैं। बिना काम के फर्म को कुल 12. लाख 59 हजार 325 रु. का फर्जी हुआ है। बदरवास थाना पुलिस ने सरपंच अजंती बाई परिहार, सरपंच पति धनपाल परिहार, सचिव श्याम सोनी, डाटा एंट्री ऑपरेटर सुरेंद्र कुमार नरवरिया, रामकृष्ण यादव, वीरपाल यादव, राजवीर यादव के खिलाफ धारा 420 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
जांच के दौरान सचिव श्याम सोनी ने कथन दिए थे कि उसे जनभागीदारी खाते में केवायसी अपलोड करने के लिए अपने आधार कार्ड व फोटो रामकृष्ण यादव व धन्नू परिहार को दिए थे। जबकि सोनी को स्वयं बैंक में जाकर केवायसी करानी थी, लेकिन सोनी ने ऐसा नहीं किया। आधार कार्ड व फोटो रामकृष्ण यादव व धन्नू परिहार को सौंप दिए, यह भी नहीं सोचा कि आधार कार्ड व फोटो का उपयोग जनभागीदारी खाते के लिए ही किया गया है अथवा नहीं। सचिव व सरपंच के फर्जी डीएससी से उक्त भुगतान हुआ है। डाटा एंट्री की मामले में मिलीभगत निकली। उसने ई-स्वराज पोर्टल से पुरानी डीएससी हटाकर नई चढ़ा दी। बाद में फिर से पुरानी डीएससी हटा दी।






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