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संगठनों की नाराजगी दूर करने में जुटी सरकार, सीएम ने संभाला मोर्चा,


भोपाल। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारी संगठनों की नाराजगी दूर करने के लिए सरकार सक्रिय हो गई है। इस बार मंत्रियों के समूह की जगह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद मोर्चा संभाला है। वे स्वयं कर्मचारी संगठनों के साथ लगातार मुलाकात कर रहे हैं। नए संगठनों को भी भरपूर तवज्जो मिल रही है,पदोन्नति में आरक्षण को लेकर मुखर सामान्य पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) से भी जल्द मुलाकात की तैयारी है। उधर, दिनेश शर्मा सहित कुछ अन्य कर्मचारी नेताओं के आरोप हैं कि सरकार कर्मचारी आंदोलन को कमजोर करने के लिए संगठन में रार पैदा कर नए संगठन बनवा रही है पंचायत सचिव संगठन और अध्यापक संगठन के कई धड़े इसका ही नतीजा हैं। राज्य कर्मचारी संघ और तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ पहले ही टूट चुके हैं।
मंत्रालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की पुष्टि करते हुए कहा कि गुरुवार को हम मिले थे। मंत्रालय कर्मचारियों के साथ लिपिक वर्ग की मांगों को लेकर चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री कर्मचारी संगठनों से मिल रहे हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है। घर की सुरक्षा तो हमें ही करनी होती है। कोई भी सरकार हो वो सशक्त कर्मचारी संगठन नहीं चाहती है। दुर्भाग्य से कई संगठन अस्तित्व के संकट से भी जूझ रहे हैं। 

वहीं, राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा ने संगठनों को तोड़ने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। पंचायत सचिव संगठन में पहले से ही अलग-अलग धड़े थे। बालमुकुंद पाटीदार का नया संगठन बना है। मुख्यमंत्री तो सभी से मुलाकात कर रहे हैं। जो भी हमारे पास आता है, उसे मिलवा देते हैं और पत्र भी लिखते हैं।

पाटीदार गुट से चर्चा
ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के दौरान आंदोलन कर सरकार को परेशानी में डालने वाला पंचायत सचिव संगठन से एक धड़ा अलग हो गया है। इसके नेता बालमुकुंद पाटीदार सहित अन्य पदाधिकारियों से मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों लंबी मुलाकात की। इसको लेकर पंचायत सचिव संगठन के प्रांताध्यक्ष दिनेश शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा संगठन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ही पाटीदार सहित अन्य नेताओं को मुख्यमंत्री से मिलवाया।
अध्यापक संघ में कई धड़े
अध्यापक संघ में कई धड़े हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने सभी संगठनों के प्रतिनिधियों को 18 दिसंबर को बुलाया था। करीब पौने दो घंटे बैठक चली। सूत्रों का कहना है कि बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था कि आपस में तय कर लो, क्योंकि एक न एक धड़ा असंतुष्ट ही रहता है। 24 दिसंबर को फिर बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन मुख्यमंत्री की व्यस्तता की वजह से टल गई। उधर, भरत पटेल की अगुवाई वाले धड़े ने आंदोलन की घोषणा कर दी है।
सपाक्स से मुलाकात जल्द
पदोन्नति में आरक्षण के खिलाफ तहसील और जिला स्तर पर लगातार आंदोलन कर रहे सामान्य पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) के साथ मुख्यमंत्री जल्द ही बैठक कर सकते हैं। करीब दस दिन जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अगुवाई में संस्था के संसंस्थापक मंडल में शामिल डॉ. अजय कुमार जैन सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री निवास में मुलाकात प्रस्तावित थी, लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं हो सकी। डॉ. जैन ने बताया कि हम भी मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं।
संविदा महासंघ को आश्वासन
22 नवंबर को मुख्यमंत्री ने संविदा कर्मचारी महासंघ के रमेश राठौर सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ मुलाकात की थी। इसमें उन्होंने आश्वासन दिया था कि संविदा पर बरसों से काम रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला दिखवाएंगे।
रोजगार सहायकों से नाराजगी
सूत्रों का कहना है कि रोजगार सहायकों ने भोपाल में एकत्र होकर जो प्रदर्शन किया था, उससे सरकार में नाराजगी बढ़ गई है। दरअसल, सरकार ने पंचायत सचिवों के आंदोलन के वक्त इन्हें न सिर्फ सहायक पंचायत सचिव घोषित कर दिया था, बल्कि मानदेय में भी बढ़ोतरी की थी। इसके बावजूद ये आंदोलन के लिए राजधानी भोपाल तक पहुंच गए।
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