श्री रामानुज धाम पर पूर्णाहुति हवन के साथ हुआ साप्ताहिक गीताज्ञान यज्ञ का समापन, सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने पुण्यलाभ अर्जित किया
दतिया। जो गीता के लिए दृढ़ संकल्पि हो गया, उसका परमात्मा कल्याण करता है। अंतिम समय में जीवात्मा को चाहे वह किसी भी योनि में हो सूक्ष्म हो, चाहे विषाल हो परमात्मा की। जिस तरह वरगद का बीज आकार में सूक्ष्म होता है पर वृक्ष विषाल होता है। उसी तरह भगवान श्री जीवात्मा को अपने विषाल रूप से परिचित कराते है। यह अमृत विचार श्रीरामानुज धाम आश्रम पर रविवार को श्रद्धालुओं को संबोधित कर श्रीरामानुज धाम आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी देवनायकाचार्य समदर्षी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने आगे कहा कि धर्म पर चलोगे और परमात्मा पर निर्भर रहोगे तो तुम्हें कोई नहीं बिगाड़ सकता है।
2 दिसंबर से शुरू हुए गीताज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन रविवार को यज्ञवेदी में सैंकडों श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहूतियां दी। धार्मिक कार्यक्रम यज्ञाचार्य पं. राजेश व्यास, पंडित हितेष जी, पंडित इलु तिवारी, आत्माराम दुबे, मुरली षर्मा, जयप्रकाष दुबे, ब्रजेन्द्र बाबा एवं प्रदीप पारासर आदि के द्वारा सम्पन्न कराए गए। धार्मिक अनुष्ठान में राम निवास पाठक फरूर्खाबाद, चंद्र प्रकाश दीक्षित, महेशचंद्र मिश्रा फरूर्खाबाद, महेष राय बरूआसागर, अखिलेष गुप्ता पलेरा, जितेन्द्र सोनी, राकेश गुप्ता, ब्रजभूषण तिवारी, ष्याम अग्रवाल पूना, झल्लू गुप्ता ग्वालियर, राजकुमार चैरसिया उरई, राजकुमार ठाकुर दिल्ली, धर्मपाल षर्मा दिल्ली, मेधराज शर्मा, एसीईओ जिपं दतिया धनंजय मिश्रा, डाॅ. अमित यादव, चिकित्सक मेडिकल काॅलेज दतिया, रविन्द्र सिंह गौर पत्रकार झांसी, मोहन अग्रवाल, शैलेन्द्र बुंदेला पत्रकार, अविनाश खरे पत्रकार, राकेष दलाल, राकेष गुप्ता, ब्रजभूषण तिवारी, पं. विष्वनाथ पाठक झांसी, मयंक ढेंगुला, अरविंद माहेष्वरी उरई, संजीव गुप्ता फरूर्खावाद, विजय सिंह आगरा, मुन्नालाल पुरोहित, देवराज खडडर, पिंटू गुप्ता बड़ौनी, जितेन्द्र सोनी, बाबू भाई, अषोक खेराजानी, गोविंद ज्ञानानी, प्रमोद अष्क आदि सहित बड़ी संख्या में देष के कोने कोने से श्रद्धालु व शिष्य गण, भक्तगण शामिल हुए।






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