करौली

चंबल नदी किनारे 10 फीट का मगरमच्छ एक चरवाहे का पैर पकड़कर 15 मीटर अंदर खींच ले गया। 58 साल के इस बुजुर्ग ने मगरमच्छ से 10 मिनट तक संघर्ष किया। उसके मुंह पर मुक्के मारे। उसकी आंख में अंगुली डाल दी। तब जाकर मगरमच्छ की पकड़ ढीली पड़ी और बुजुर्ग बच पाया। घटना बुधवार दोपहर करौली के करणपुर इलाके की है।

ये हैं 58 साल के मोतीलाल, जिन्होंने 10 मिनट तक मगरमच्छ से संघर्ष कर अपनी जान बचाई।
पानी पीने गए थे नदी किनारे
बुधवार को कैमोखरी गांव के रहने वाले मोतीलाल नाथ (58) पुत्र मौजी नाथ मौत के मुंह से बचकर निकले। वह नदी किनारे गूलर घाट पर अपनी बकरियां चरा रहे थे। इस दौरान पानी पीने के लिए नदी किनारे गए। वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे मगरमच्छ ने उनका एक पैर जबड़े में पकड़ लिया। जब तक वह कुछ समझ पाते मगरमच्छ उनको पानी के अंदर खींच ले गया।

मोतीलाल को परिजनों ने तुरंत करणपुर अस्पताल पहुंचाया।
पैर में 8 टांके आए
मोतीलाल नाथ कहते हैं- पानी पीते-पीते मुझे तो कुछ नहीं दिखा। अचानक से मगरमच्छ आधी नदी में खींच कर ले गया। एक बार तो मुझे लगा कि अब मैं नहीं बचूंगा। मैंने उसके जबड़े को ऊपर और नीचे से खींच कर चौड़ा करने और छूटने का प्रयास किया। उसके मुंह पर मुक्के मारे। इस दौरान मगरमच्छ के नुकीले दांत हाथ और पैरों में चुभ रहे थे। इसी दौरान मेरी अंगुली मगरमच्छ की आंख में लगा। इसके बाद उसकी पकड़ ढीली हुई और जैसे-तैसे मैं छूट पाया। भागकर नदी किनारे गया और चिल्लाकर लोगों को बुलाया। उन्होंने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन उन्हें करणपुर हॉस्पिटल ले गए। मोतीलाल को 8 टांके लगाए गए। चंबल नदी किनारे गांव होने से आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं।





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