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पाल बघेल समाज की महापंचायत में ली कुरुतियाँ त्यागने की शपथ बच्चों को शिक्षित करने और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का लिया संकल्प नशा करने वाले को समाज से किया जाएगा बहिष्कृत

शिवपुरी। पाल बघेल समाज शिवपुरी की महापंचायत का आयोजन आज पिछोर अनुविभाग के ग्राम ढला में किया गया। महापंचायत में पाल बघेल समाज के सैंकड़ों लोगों ने सर्व सम्मति से शराबखोरी सहित अन्य कुरूतियों को त्यागने का संकल्प लिया। समाज द्वारा विवाह, मृत्युभोज, डस्टोन, बारातों में भी फिजूलखर्ची पर  रोक लगाने की शपथ ली। 

पाल बघेल समाज सुधार समिति शिवपुरी के अद्यक्ष रामप्रसाद बघेल, नरवर समिति के अद्यक्ष हाकम सिंह बघेल, पिछोर जनपद के पूर्व अद्यक्ष रामदास बघेल, पाल महासभा के जिलाअद्यक्ष एडवोकेट रामस्वरूप बघेल ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर माल्यार्पण कर महापंचायत का शुभारंभ किया। महापंचायत में पूर्व जनपद अद्यक्ष रामदास बघेल ने उपस्थित सभी समाज बंधुओं से अपील की कि अकेले हाथ उठाने से हम कुरूतियों को नहीं छोड़ सकते इसके लिए हमें अपने परिवार से ही इन सिद्धान्तों का पालन करवाना पड़ेगा। शिक्षक मोहरसिंह बघेल करैरा ने समाज को राजनैतिक रूप से सक्षम बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिवपुरी जिले की पांचों विधानसभा में हमारे समाज के एक लाख से अधिक मतदाता हैं फिर भी हमें भागीदारी नहीं मिल रही। महापंचायत में शिक्षक रामदीन पाल ने बच्चों को शिक्षित बनाने और उन्हें उन्नति के रास्ते पर लाने की बात कही। करैरा जल संस्था के अद्यक्ष गौरव पाल ने भी समाज द्वारा समाज सुधार का जो बीड़ा उठाया उसमें पूर्ण सहयोग की बात कही और युवाओं को इसके लिए आगे आने की अपील की। महापंचायत में शिक्षक मनोज पाल मनपुरा, सुदामाप्रसाद पाल, दयाराम पाल, अच्छेलाल पाल, रामवीर पाल, नीरज पाल, विजयराम पाल भौंती, रामवीर पाल, जगन सिंह बघेल, नीरज पाल, श्रीलाल बघेल, पत्रकार नेपाल सिंह बघेल आदि मौजूद थे। कुरूतियों को त्यागने की शपथ को बिन्दुवार रामभजन बघेल ने पढ़कर सुनाया जिसको सभी ने दोहराया और आत्मसात करने की शपथ ली। 

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इन प्रस्तावों पर बनी सहमति

-मृत्युभोज में चिट्टी न छपवाकर सूक्षम रूप में करने या बिल्कुल बन्द करने पर सहमति बनी

-समाज में दहेज प्रथा पर रोक लगाने की कसम खाई गई

-बारात में डीजे पर प्रतिबंध लगाने की बात कही

-महापंचायत में जुआ, मीट, गुटखा एवं गांजा के सेवन पर रोक लगाने की बात कही। 

-बच्चों को शिक्षित करने और समाज का छात्रवास बनाने की बात कही।

-शराब पीने वाले पर 5100 रुपए का अर्थदंड किया जाएगा।

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