Press "Enter" to skip to content

पहले दिन ही फ्लॉप रहा कृषि महोत्सव, टूटी और पुरानी गाडिय़ों पर बना दिए कृषि रथ

 शिवपुरी। कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नन तकनीक से जोडऩे और उत्पादन बढ़ाने की दृष्टि से शनिवार से शुरू किया गया कृषि महोत्सव पहले दिन ही फ्लॉप शो रहा। शनिवार को पहले दिन कलेक्टोरेट से रवाना किए गए कृषि रथ ऐसे वाहनों में बनाए गए जो टूटे थे और कई साल पुरानी खटारा गाडिय़ों में इन्हें बना दिया गया। कृषि विभाग के अफसरों ने कृषि रथ में टाटा 407 वाहन किराए पर लेकर लगाए गए हैं। इनमें से कई वाहन तो ऐसे थे जो ग्रामीण क्षेत्र में चलने लायक ही नहीं थे फिर भी कमीशन के लालच में अधिकारियों ने इन वाहनों को लगा लिया। अब सवाल उठ रहे है कि यह खटारा वाहन कैसे पूरे महोत्सव में यानि 2 मई तक चल पाएंगे। इसके अलावा पहले दिन राजस्व विभाग सहित कृषि विभाग के कुछ मैदानी अमले की हड़ताल के कारण इस महोत्सव के तहत कृषि पंचायतें भी गांवों में नहीं हो पाईं। 

हरी झंडी देने के बाद नहीं की गई मॉनिटरिंग 

कृषि महोत्सव के तहत प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो वाहन कृषि रथ के रूप में चलेंगे। शनिवार को इन कृषि रथों को पोहरी विधायक प्रहलाद भारती द्वारा कलेक्टोरेट से हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया गया। लेकिन यह रथ अपने निर्धारित रूट चार्ट पर पहुंचे कि नहीं इस पर कलेक्टर सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारियों ने कोई मॉनिटरिंग नहीं की। बताया जाता है कि पहले दिन निर्धारित गांवों में यह कृषि रथ पहुंचे ही नहीं। इसके अलावा इन रथों में एलसीडी, माईक व अन्य प्रचार प्रसार की सामग्री नहीं थी। रथों में यह सामग्री संबंधित ठेकेदार ने लगाई ही नहीं। बिना एलसीडी के ही इन कृषि रथों को रवाना कर दिया गया। कोलारस, बदरवास, शिवपुरी ब्लॉकों में तो यह रथ जनपद पंचायतों के कार्यालय में खड़े नजर आए।

20 लाख के बजट को ठिकाने लगाने की तैयारी

कृषि महोत्सव के तहत जिले को 20 लाख रुपए का बजट मिला है। इसमें कृषि रथ चलाने के अलावा जागरूकता सहित अन्य कार्यक्रम होने हैं। इस बजट को अब अधिकारी अपने हिसाब से खर्च कर इसे ठिकाने लगाने में लगे हैं। इस महोत्सव में कुछ चिंहित ठेकेदारों को बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए ही कुछ काम कृषि विभाग के अफसरों ने चिंहित ठेकेदारों को दे दिए। जिसकी कोई विज्ञप्ति अखबारों में नहीं छपवाई गई। आनन-फानन में अब कृषि मेला भी आने वाले दिनों में लगाकर इसका बजट ठिकाने लगाया जाएगा। कुल मिलाकर कलेक्टर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी सीएम शिवराज सिंह चौहान से जुड़ी योजनाओं पर कोई निगरानी नहीं कर रहे हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी

शनिवार को पहला दिन था इसलिए कुछ प्रॉब्लम रहीं। खटारा गाडिय़ों को लेकर इन्हें हटाने के लिए हमने संबंधित ठेकेदार से बोल दिया है। कुछ दिन में यह कृषि रथ रूट चार्ट के हिसाब से चलेंगे और पंचायतें भी होंगी। 
आरएस शाक्यवार 
उपसंचालक कृषि शिवपुरी
More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!