जबलपुर। जिले में मतदाता सूची में नाम जोड़ने वाले युवा वोटरों को अभी तक वोटर कार्ड बनकर नहीं मिले हैं। ऐसे कई युवाओं ने निर्वाचन कार्यालय को शिकायत सौंपी है। कई बार शिकायत करने के बाद भी उन्हें अभी तक कार्ड उपलब्ध नहीं कराया जा सका। हालांकि निर्वाचन कार्यालय ऐसे मामलों में तकनीकी गलती होने का हवाला दे रहा है।
दो शिकायत नहीं मिला कार्ड
मयंक गुलाटी ने बताया कि उसकी आयु 18 साल हो चुकी है। अगस्त माह में आवेदन करने के बाद भी नया कलर वोटर कार्ड उसे नहीं मिला है। दो बार निर्वाचन कार्यालय को शिकायत की गई। बावजूद इसके कार्यालय स्तर पर किसी तरह का निराकरण नहीं किया जा सका। कर्मचारियों ने जब आवेदन के आधार पर कम्प्यूटर की सूची को देखा तो उसमें किसी और का नाम दिख रहा है।सूत्रों का कहना है कि एसडीएम स्तर पर जारी होने वाले टोकन समय पर उपलब्ध नहीं होने से आवेदनों को आयोग की वेबसाइट में दर्ज नहीं किया जाता। एसडीएम जब टोकन देते हैं, तभी सूची में नाम चढ़ाया जाता है। वेरिफिकेशन के बाद इस प्रक्रिया को पूरा करने में समय लग रहा है। वहीं स्टाफ की कमी भी बनी हुई है।
हजारों ने जुड़वाए नाम
जिले में छूटे हुए और नए वोटरों के नाम जोड़ने विशेष अभियान चलाया गया। डेढ़ महीने चले अभियान में 17 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया। इनमें युवा वोटरों की संख्या 3 हजार बताई जा रही है। सभी आवेदनों की जांच के बाद उनके वोटर कार्ड बनाने का काम भी चल रहा है।




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