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बनते ही धंसकी पालिका की सड़कें, निर्माण के दोहरे मापदण्ड बने मुसीबत


गैर तकनीकी अफसरों की दखलंदाजी बनी मुसीबत 
पालिका बिना कॉ पेक्शन के बनी सड़कों का धंसकना शुरु 
लोनिवि करा रही है कॉपेक्शन पालिका सरफेस ड्रेसिंग पर टिकी 

नीरज श्रीवास्तव

शिवपुरी। सीवर खुदाई के बाद शहर के हालात बद से बदतर हो रहे हैं। चुनाव साधने के नजरिए से तकनीकी राय को दरकिनार कर आपाधापी में बनबाई जा रही सड़कें चुनाव तक खुद सधती नजर नहीं आ रहीं। एक ही शहर, एक ही गहराई तक सीवर की खुदाई मगर पालिका और लोनिवि के लिए निर्माण के दोहरे मापदण्डों ने शहर की सड़कों को सवालों के घेरे में ाड़ा कर दिया है। लोनिवि जहां सीवर की गहराई तक जाकर निर्माण से पूर्व कॉम्पेक्शन करा रही है वहीं पालिका को कॉम्पेक्शन से दूर रखा जाकर निर्माण कराया गया जो अब धीरे-धीरे बिखरना शुरु हो गया है। 
यहां सड़कों के निर्माण में नेताओं और गैर तकनीकी अधिकारियों के अतिशय दखल ने करोड़ों की लागत से बनी पालिका की सड़कों को इस हद तक बेकार बना डाला है कि वे बनने के तीन से चार माह के भीतर मिटना और धंसकना शुरु हो गई हैं। लोनिवि की एक सड़क सर्किट हाउस रोड बिना कॉम्पेक्शन के बनी थी जो उद्घाटन से पूर्व धंसक गई जिससे सबक लेकर पीडब्लूडी ने डिजाइन में परिवर्तन करा दिया और अब कॉम्पेक्शन पर जोर देकर रोड़ बनाई जा रही हैं जबकि पालिका ने नेताओं और गैर तकनीकी जानकारों की दखलंदाजी के चलते पुराने ढर्रे पर बिना कॉम्पेक्शन के जो सड़कें तीन माह पूर्व बनवार्इं वे धंसकना शुरु हो गई हैं जिनका आने वाले विधानसभा चुनावों तक बुरी तरह से बदहाल हो जाना तय है। गौर करें शहर की जिन सड़कों को करीब 3 माह पहले नपा द्वारा बनाया गया वह बिना कॉम्पेक्शन वर्क के कराए गए निर्माण के चलते बुरी तरह से धंसकना शुरु हो गईं हैं। 
नपा की मनमर्जी कहीं मंत्री जी को राजनीति से अलविदा न कहलवा दे
नगरपालिका द्वारा अपनी मनमर्जी और हठधर्मिता के चलते जिस तरह से शहर की सड़कों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है उससे ऐसा लगता है कि नगरपालिका के अधिकारी कहीं न कहीं मंत्री जी से मन में द्वेष भावना पाले हुए हैं और इसके चलते मंत्री जी के शहर के स्वर्ग बनाने के सपनों पर पानी फेरने की पूरी तैयारी में जुटे हुए हैं। हम आपको बता दें कि केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने विगत दिवस अभिभाषक संघ के शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि यदि वह अपने वर्र्तमान कार्यकाल में शिवपुरी को स्वर्र्ग नहीं बना पार्ई तो राजनीति को हमेशा-हमेशा के लिए अलविदा कह देंगी। 

यहां बनाई थी पालिका ने सड़कें 

पालिका ने शहर में अस्पताल चौराहा से कस्टम गेट तक की सड़क 21 लाख लागत की बनाई वहीं आर्य समाज रोड-18 लाख, आर्य समाज से विद्यादेवी रोड-21 लाख, अनाज मंडी से हंस बिल्डिंग-18 लाख,हंस बिल्डिंग से एबी रोड- 18 लाख,जल मंदिर रोड-15 लाख, सुभाष पार्क से काली माता मंदिर रोड-15 लाख, ठकुरपुरा रोड-19 लाख, रेस्ट हाउस रोड-18 लाख लागत से तैयार कराईं। इनमें से अधिकांश सड़कें धंसक गई हैं इन धंसकी हुई सड़कों पर नपा पैचवर्क करा रही है। यह हाल एक सड़क का नहीं है बल्कि नपा द्वारा बनाई गई 14 से 16 सड़कों का है। सीवर खुदाई के बाद सड़कों का भराव किया जाना था, लेकिन सही प्रॉपर भराव न किए जाने के कारण यह हालात बने हैं। इन नवीन सड़कों के निर्माण पर नपा ने करोड़ों रुपए खर्च किए लेकिन मॉनिटरिंग के अभाव और प्रॉपर फिलिंग न होने तथा तकनीकी राय में नेताओं और गैर तकनीकी प्रशासनिक अफसरों की मनमर्जी के चलते हुए आपाधापी पूर्ण निर्माण से यह सड़कें धंसकना शुरु हो गई हैं जिसके चलते अब वे नेता भी खुद को असमंजस में पा रहे हैं जो कुछ दिन पहले तक इनके निर्माण को लेकर जल्दबाजी दिखा रहे थे। 

तकनीकी राय और कॉ पेक्शन की अनदेखी बनी मुसीबत 

यह एक तथ्य है कि शहर में सीवर खुदाई के दौरान सड़कों को 20 से 22 फीट तक गहराई में खोदा गया था और उसके बाद उन्हें बिना ठीक से भराव कराए आनन फानन में भर दिया गया। ऐसे में यह लाजमी हो जाता है कि इनके क्रस्ट डिजाइन को शहर की परिस्थियोंें को भांप कर तैयार किया जाना चाहिए था जो या तो किया नहीं गया और किया भी गया तो प्रशासनिक अफसरों ने टांग फंसाई कर इस डिजाइन की अनदेखी कर जल्दबाजी में सड़क निर्माण कराने के मौखिक निर्देश दे डाले नतीजा यह कि अब यह शहर इन सड़कों के धंसने का अभिशाप ढो रहा है। इन सड़कों को एक बार फिर से खोदकर उनमें क्रस्ट मटेरियल डाला जाना था लेकिन न तो क्रस्ट मटेरियल ही डाला गया और न ही पानी से कॉम्पेक्शन की प्रक्रिया पूरी की अब ये सड़कें धंसक रही हैं जो आने वाले विधानसभा चुनाव तक पूरी तरह से बैठक ले जाऐं तो अचंभा न होगा। 

सर्किट हाउस रोड से संभल गई लोनिवि 

शहर में सबसे पहले लोनिवि की सर्किट हाउस रोड़ धंसकी। इस मामले में मंत्री की नाराजगी के बाद ठेकेदार का भुगतान रोककर ब्लैक लिस्टेड करने तक की कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने सर्किट हाउस से कोतवाली तक जो सड़क बनवाई उनके डिजाइन बदल दिए गए और कॉम्पेक्शन पर भरपूर ध्यान दिया गया शेष सड़कों की भी यह स्थिति न बने इसलिए पीडब्ल्यूडी भराव पर विशेष गौर कर रही है। नपा द्वारा सीवर खुदाई के बाद बदहाल हुई शहर की इन 18 सड़कों का निर्माण 3 करोड़ रुपए खर्च कर किया गया था। 3 करोड़ की सड़कों के धंसकने को लेकर आमजन का कहना है कि नपा द्वारा सड़कों का भराव सही नहीं किया गया है जिसके चलते यह सड़कें बनते ही धंसक रही हैं।
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