शिवपुरी। सोमवार को नगर पालिका परिषद के सम्मेलन में जबरदस्त हंगामा हुआ। सम्मेलनमें विपक्ष के पार्षद वार्ड 16 में हुए अधूरे निर्माण कार्य की फाइल को
सम्मेलन में उपलब्ध कराने की मांग पर धरने पर बैठ गए। उनके साथ महिला
पार्षद भी धरने पर बैठ गईं। जबरदस्त हंगामे के बाद जब उक्त निर्माण की फाइल
वहां लाई गई तो फाइल में से अमानत के तौर पर लगाई जाने वाली एफडीआर नदारद
थी। इसे लेकर जब संबंधित बाबू से जवाब तलब किया गया तो सोनी बाबू ने साफ कह
दिया कि यह फाइल कुछ दिन पहले नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह ने घर पर मंगाई
थी। जब फाइल भेजी थी, तत्समय उसमें एफडीआर लगी थी, लेकिन जब वहां से फाइल
लौटी तो एफडीआर नदारद थी। इसके बाद तो विपक्ष के पार्षद विफर गए और
नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह व सीएमओ रणवीर कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप
लगाते हुए लामबद्घ होकर बाबू को साथ लेकर कोतवाली जा पहुंचे। यहां पार्षदों
ने लिखित आवेदन देकर नपाध्यक्ष व सीएमओ पर एफआइआर की मांग कर डाली।
यह था मामला
वार्ड
क्रमांक 16 में एक पुलिया का निर्माण किया जाना था, लेकिन ठेकेदार ने कम
रेट पर टेंडर लिया था। इसके बाद ठेकेदार ने काम नहीं किया। यह काम बीते एक
साल से लटका हुआ है, जबकि परिषद की बैठक में सीएमओ रणवीर कुमार व इंजीनियर
आरडी शर्मा ने कहा कि हमनें एफडीआर जप्त कर ली है और ठेकेदार पर कार्रवाई
कर रहे हैं। पार्षद लालजीत आदिवासी ने मांग की कि परिषद में ही फाइल को
लाया जाए। इसके बाद फाइल परिषद में लाई गई, तब पार्षद भानु दुबे ने जब पूरी
फाइल को पढ़ा तो यह पूरे मामले का खुलासा हुआ, जबकि उसमें एक पत्र ठेकेदार
का भी लगा है जिसमें उसने एफडीआर को वापस करने पत्र लिखा है।
बाबू बोला-नपाध्यक्ष के घर जाती हैं फाइलें
इस
पूरे हंगामे के बाद मीडिया ने आरोप लगाने वाले बाबू से पूछा कि एफडीआर
गायब थी तो आपने क्या किया। इस पर बाबू का कहना था कि उन्होंने एई आरडी
शर्मा को अवगत कराया था। बाबू से जब नपाध्यक्ष कुशवाह के घर फाइल किसके
द्वारा मंगाए जाने की बात पूछी तो उसने कहा कि वहां तो फाइल जाती हैं और हम
बाद में लेकर आते हैं। यह फाइल भी जब गई थी तब इसमें एफडीआर लगी थी लेकिन
जब वापस लाया तो एफडीआर नहीं थी मैंने इस बात की जानकारी एई शर्मा को दी
थी।
टैंकर घोटाले को लेकर भी हुआ हंगामा
नपा ने बड़े टैंकर
पेयजल परिवहन को लेकर लगाए थे लेकिन उनके भुगतान को लेकर आज हुई परिषद की
बैठक में जमकर हंगामा हुआ और उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने मोर्चा खोला और
सीएमओ रणवीर कुमार व पेयजल प्रभारी पर आरोप लगाए कि एक बड़े टैंकर को भरने
और खाली होने में करीब 5 घंटे का समय लगता है तो इनके 8-8 चक्करों का कैसे
नपा भुगतान कर रही है, जबकि इन टैंकरों ने महज 2 से 3 चक्कर ही लगाए हैं।
यह पूरा मामला नईदुनिया द्वारा प्रमुखता के साथ उठाया गया था। इस मामले को
लेकर भी परिषद में पार्षदों ने जमकर हंगामा किया।
नाला सफाई के 55 लाख के बजट को लेकर हंगामा
शहर
में हुए नाला सफाई के 55 लाख रुपए के मशीनों के भुगतान व 17 लाख रुपए डीजल
के भुगतान को लेकर भी नपा में खासा हंगामा हुआ। जैसे ही परिषद में सीएमओ
ने यह बिंदु रखा तो पार्षद भड़क गए और उनका कहना था कि इतनी बड़ी राशि में तो
शहर के दो नाले साफ हो जाते। इस पर पार्षद पप्पू ने बताया कि इन वाहनों
में डीजल की जितनी खपत दिखाई जा रही है, उतना डीजल लगा ही नहीं है। इसके
बाद पार्षदों ने कहा कि नाला सफाई का आधा भुगतान किया जाए।
माधव चौक चौराहे के सौन्दर्यीकरण के लिए 50 लाख स्वीकृत
माधव
चौक चौराहे के सौन्दर्यीकरण के लिए नपा द्वारा 50 लाख रुपए स्वीकृत किए गए
हैं। जिसे लेकर कुछ पार्षदों ने आपत्ति दर्ज कराई कि शहर के अन्य वार्डों
में भी पार्क हैं और उनका विकास क्यों नहीं कराया गया है लेकिन सभी
पार्षदों ने एक सुर में कहा कि वे शहर के विकास में साथ साथ हैं और वे किसी
का भी विरोध नहीं करेंगे।
महिला पार्षद बोली पानी की समस्या चलाओ छोटे टैंकर
महिला
पार्षद साईस्ता खान ने परिषद में बताया कि उनके वार्ड में पानी की समस्या
है और जो छोटे टैंकर बंद किए गए हैं उन टैंकरों को दोबारा से शुरू कराया
जाए। उनका कहना था कि वार्ड के लोग परेशान हो रहे हैं ऐसे में इन टैंकरों
को जल्द शुरू करा दिया जाए।
देर शाम एफडीआर मिलने की चर्चा
नपा
में गायब हुई एफडीआर को लेकर पार्षदों ने हंगामा किया था, जिसके बाद देर
शाम एफडीआर मिलने की चर्चा सामने आई। नपा अध्यक्ष मुन्नालाल ने बताया कि
अचानक घटे घटनाक्रम के दौरान फाइल के साथ मौजूद वह रजिस्टर कार्यालय में
ठीक से नहीं देखा गया। इसमें एफडीआर रखी हुई थी। हालांकि कोतवाली तक जा
पहुंचा मामला तत्काल सुलटने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे।
1 कैप्सन-फाइल से गायब एफडीआर को लेकर पार्षद धरने पर बैठे
2 कैप्सन-हंगामे के बाद एफआईआर दर्ज कराने जाते पार्षद
3 कैप्सन-कोतवाली में टीआई से चर्चा करते पार्षद।






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