ग्वालियर,जीवाजी विश्वविद्यालय कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने वाले छात्रों को खुद फोन लगवाकर पूछा कि,उनकी समस्या का हल हुआ या नहीं? जवाब में दो दर्जन से अधिक छात्रों ने जवाब दिया कि उनकी समस्या निपट गई है। उधर सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों की होने वाली समीक्षा बैठक के लिए जेयू कुलसचिव प्रो.आनंद मिश्र व डिप्टी रजिस्ट्रार भोपाल रवाना हो गए हैं।कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला मंगलवार को सुबह 10.15 बजे ही विश्वविद्यालय पहुंच गईं थी। यहीं कुलसचिव प्रो.आनंद मिश्र व अन्य अधिकारी भी थे। कुलपति ने सभी से कहा कि ,आप लोग कुछ भी करो,सीएम हेल्पलाइन पर पेंडेंसी जीरा होनी चाहिए। सांख्यिकी अधिकारी प्रदीप शर्मा ने उन्हें दर्ज व हल किए गए प्रकरणों की जानकारी दी। कुलपति ने एल-4 स्तर के बंद किए गए प्रकरणों की जांच के लिए वहीं खड़े-खड़े छात्रों को फोन लगाने के निर्देश दिए। जेयू के कर्मचारियों ने लिस्ट अनुसार फोन लगाए,बताया कि उनसे कुलपति बात करेंगी। कुलपति ने उनसे पूछा कि उनकी समस्या निपटी या नहीं। इत्तफाक रहा कि जेयू कर्मचारियों ने जिन छात्रों के नंबर मिलाकर कुलपति से बात कराई,उनमें से अधिकांश ने समस्या हल हो जाने की जानकारी दी।
जानकारी व भविष्य का प्लान लेकर गए अधिकारी
दोपहर में कुलसचिव प्रो.आनंद मिश्र,डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. आईके मंसूरी 27 दिसम्बर को होने वाली बैठक के लिए जानकारी लेकर भोपाल रवाना हो गए। बैठक में कुलसचिव प्रकरणों की वर्तमान स्थिति के साथ साथ वो रणनीति भी बताएंगे,जिससे भविष्य में इस तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। यहां यह उल्लेखनीय होगा कि 2 जनवरी को इस मामले में मुख्यमंत्री भी छात्रों से बात करेंगे।
शाम तक यह थी स्थिति। शाम 4.30 बजे तक जीवाजी विश्वविद्यालय के सीएम हेल्पलाइन में एल-1 स्तर पर 167, एल-2 पर 22, एल-3 पर 60 व एल-4 स्तर पर 46 नए प्रकरण दर्ज थे। पुराने फोर्सली क्लोज लगभग साढ़े छह हजार प्रकरणों में जेयू के अधिकारी पड़ताल और छात्रों को संतुष्ट करने में अलग लगे हैं।
केवल सीएम हेल्पलाइन का काम
जेयू अधिकारियों ने मंगलवार को सिर्फ उन प्रकरणों का निराकरण किया,जिनका मामला सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज था। हद तो यह रही कि एक निजी कॉलेज शिक्षक,जिसकी समस्या के निराकरण के लिए कुलपति ने स्वयं निर्देश दिए थे,उसकी भी समस्या का निराकरण नहीं हो सका। सुबह के समय आए इस कॉलेज शिक्षक की समस्या के निराकरण के लिए कुलपति ने सांख्यिकी अधिकारी को निर्देश दिए थे। सांख्यिकी अधिकारी ने उसे करेक्शन शाखा भेजा,लेकिन वहां के कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया कि वह आज केवल सीएम हेल्पलाइन का ही काम निपटाएंगे।





Be First to Comment