
बदरवास।
धूम धाम से मनाऐ जाने वाले डोल ग्यारस इस बर्ष भी बड़े हर्ष के साथ मनाए
जा रहे हैं। नगर के सारे मंदिरों के विमानों को एक पंक्ति में एक साथ नगर
के मुख्य रोड से निकाले गए, विमानों की जगह जगह नगरवासीयों ने पूजा अर्चना
की फल फूल चडाये बच्चों एवं पुरुषों ने विमानों के नीचे से निकल कर विमानों
की परिक्रमा की। डोल ग्यारहस पर्व भादों मास के शुक्लपक्ष के ग्यारहवें
दिन मनाया जाता है कृष्ण जन्म के अठारहवें दिन माता यशोदा ने उनका जलवा
पूजन किया था, इसलिए इस दिन डोल ग्यारस मनायी जाती है। साथ ही लोगों ने
भगवान श्रीकृष्ण को डोल मे बिठाकर तरह तरह की झांकी सजाकर बडे ही
हर्षोल्लास के साथ जुलूस निकाला।
धूम धाम से मनाऐ जाने वाले डोल ग्यारस इस बर्ष भी बड़े हर्ष के साथ मनाए
जा रहे हैं। नगर के सारे मंदिरों के विमानों को एक पंक्ति में एक साथ नगर
के मुख्य रोड से निकाले गए, विमानों की जगह जगह नगरवासीयों ने पूजा अर्चना
की फल फूल चडाये बच्चों एवं पुरुषों ने विमानों के नीचे से निकल कर विमानों
की परिक्रमा की। डोल ग्यारहस पर्व भादों मास के शुक्लपक्ष के ग्यारहवें
दिन मनाया जाता है कृष्ण जन्म के अठारहवें दिन माता यशोदा ने उनका जलवा
पूजन किया था, इसलिए इस दिन डोल ग्यारस मनायी जाती है। साथ ही लोगों ने
भगवान श्रीकृष्ण को डोल मे बिठाकर तरह तरह की झांकी सजाकर बडे ही
हर्षोल्लास के साथ जुलूस निकाला।






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