शिवपुरी। जिले में सूखे की स्थिति का आंकलन करने हेतु केन्द्रीय अध्ययन दल ने एक दिवसीय भ्रमण के दौरान आज जिले के शिवपुरी एवं पोहरी जनपद पंचायतों के विभिन्न ग्रामों में पहुंचकर ग्रामीणों से सूखे की स्थिति के संबंध में चर्चा कर जानकारी ली। दल के सदस्यों ने किसानों के खेतों पर पहुंचकर फसलों की स्थिति का अवलोकन करने के साथ-साथ ग्रामीणों से पेजयल, रोजगार, पशुओं के लिए चारा, रवी सीजन में ली जाने वाली फसलों के संबंध में जानकारी ली।
केन्द्रीय अध्ययन दल ने आर.पी.कोल के नेतृत्व में वरिष्ठ सलाहकार पेयजल एस.पी.शर्मा, केन्द्रीय जल आयोग के अधीक्षण यंत्री प्रदीप ठाकुर, भारतीय खाद्य निगम के ए.के.शिवहरे, राजस्व विभाग के उपसचिव अजय कटेसरिया ने सूखे की स्थिति का जायजा लिया। भ्रमण के दौरान कलेक्टर तरूण राठी, अपर कलेक्टर अनुज रोहतगी, अनुविभागीय दण्डाधिकारी शिवपुरी रूपेश उपाध्याय, पोहरी मुकेश सिंह, डिप्टी कलेक्टर यू.एस.सिकरवार सहित कृषि, सहकारिता, पशुपालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी आदि संबंधित विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित थे। केन्द्रीय अध्ययन दल ने शिवपुरी जनपद पंचायत के ग्राम गाराघाट में एवं पोहरी के ग्राम परिच्छा में एकत्रित ग्रामीणों से क्षेत्र में सूखे की स्थिति के संबंध में चर्चा कर जानकारी ली। केन्द्रीय अध्ययन दल ने मुढख़ेड़ा, टेहटा हिम्मतगढ़, परिच्छा, आकुर्सी में सूखे की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान किसानों ने बताया कि सूखे की स्थिति के कारण सोयाबीन, मूंग मूंगफली एवं उड़द की फसलें पूर्णत: नष्ट हो गई है। सूखे के कारण जहां भू-जल स्तर नीचे गया है, वहीं पेयजल की समस्या के साथ-साथ पशुओं के चारे की समस्या भी निर्मित होगी। इस दौरान केन्द्रीय अध्ययन दल ने गिरदावरी एप के माध्यम से किसानों द्वारा बोई गई खरीफ की विभिन्न फसलों के रकबे के संबंध में भी जानकारी ली। दल के सदस्यों ने पंचायतों से कहा कि सूखे की स्थिति को देखते हुए रोजगार मूलक कार्य शुरू किए जाए। इसकी जानकारी ग्रामीणों को मुनादी एवं अन्य माध्यमों से दी जाए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से कहा कि ऐसे हेण्डपंप जिनका दल स्तर नीचे चला गया है, लेकिन राइजर पाईप बढ़ाकर उनका उपयोग किया जा सकता है। उन हेण्डपंपों में राइजर पाईप बढ़ाने का कार्य करें। केन्द्रीय अध्ययन दल ने आकुर्सी ग्राम में नंद किशोर वर्मा के खेत में बोई गई, उड़द फसल का भी अवलोकन किया। केन्द्रीय अध्ययन दल से ग्रामीणों से चर्चा के दौरान सरपंच महेन्द्र शर्मा ने बताया कि सूखे के कारण क्षेत्र में पेयजल की समस्या की स्थिति काफी खराब है। राम प्रकाश शर्मा ने बताया कि सूखे के कारण जल स्तर नीचे चले जाने से 75 प्रतिशत ट्यूबवेल एवं हेण्डपंप बंद होने की स्थिति में है। उन्होंने सोयाबीन, उड़द, मूंग एवं मूंगफली की फसल भी पूर्णत: समाप्त हो गई है। गोपालपुर की सरपंच सीता जाटव ने भी जल स्तर नीचे चले जाने के कारण हेण्डपंपो में पानी आना बंद हो गया है। ग्राम परिच्छा के हरि सिंह यादव एवं रामदयाल ने बताया कि क्रॉप कटिंग के दौरान 20 किलो प्रति बीघा पैदावार मिली है। राम स्वरूप शर्मा ने बताया कि सूखे के कारण पशुओं के लिए चारे एवं पेयजल की समस्या शुरू हो गई है, आने वाले समय में यह गंभीर हो जाएगी। कलेक्टर तरूण राठी ने इस दौरान बताया कि सूखे की स्थिति के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गांव-गांव में फसलों के नुकसान का आंकलन करने हेतु सर्वे कार्य किया जा रहा है। उन्होंने जिले में सूखे की स्थिति से निपटने हेतु विभागवार तैयार की जाने वाली कार्य योजना से भी अवगत कराया।






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