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इंदौर चिड़ि‍याघर : युवक कह रहा था- शेर को मारनेआया हूं,


इंदौर। शेर के बाड़े में युवक के घुसने पर चिड़ियाघर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर शराब और पटाखों के साथ युवक भीतर पहुंचा कैसे। प्रवेश द्वार पर चार कर्मचारी तैनात रहते हैं। इनका काम चिड़ियाघर में गुटखा, पाउच, पॉलिथीन आदि अवांछनीय सामग्री ले जाने से रोकना है। इससे पहले शेरनी जमना दर्शकों के बीच पहुंच गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक कह रहा था कि शेर जंगल में काम करने वाले इंसानों को मार देते हैं, इसलिए मैं उसे मारने आया हूं। साईं बाबा मेरे सपने में आए थे। उन्होंने मुझसे ऐसा करने के लिए कहा है। मैं उनका आशीर्वाद लेकर आया हूं। मुझे कुछ नहीं होगा।
पहले भी हो चुकी है लापरवाही
– फरवरी 2017 में चिड़ियाघर में प्रशासन ने शेरनी के चार शावकों के आने का दावा किया था, लेकिन बाद में संख्या दो बता दी थी।
– सितंबर 2016 में कृष्णपुरा नाले के किनारे घड़ियाल का एक फुट लंबा बच्चा नजर आने से सनसनी फैल गई थी।
– 2014 में रेडियो कॉलोनी में रहने वाले नगर निगम के अधिकारी अशोक राठौर के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में एक तेंदुआ कैद हुआ था।
– 27 नवंबर और 12 दिसंबर 2016 में बाघिन जमना बाड़े से बाहर आ गई थी। सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया की जांच में सामने आया था कि इंदौर चिड़ियाघर में दो बार बाड़े से बाहर आई बाघिन को लकड़बग्घे के बाड़े में रखा गया था।
– 2014 में जू में 8 जानवरों की जान चली गई थी। इसमें 5 अगस्त की रात साढ़े तीन वर्षीय शेरनी मेघा ने पहली बार तीन शावकों को जन्म दिया था, लेकिन प्रबंधन की लापरवाही के चलते शेरनी के ही दांत गड़ने से शावकों की मौके पर मौत हो गई थी। 7 नवबंर को बाघिन शिवानी ने भी पहली बार चार शावकों को जन्म दिया था। इनमें से दो की मौत गर्दन में दांत गड़ने से हो गई थी।
– अप्रैल 2015 में चिड़ियाघर में लाए गए तेंदुए की मौत हो गई थी। जानकारी वाइल्ड लाइफ को पहुंचाई गई थी।
– नवंबर 2016 में पिंजरे के बाहर टहल रही डेढ़ साल की बाघिन बाड़े की जाली तोड़कर दर्शकों के बीच आ गई थी।
– 2014 दिसंबर में कोबरा चिड़ियाघर के पिंजरों में घुस रहा था। कई बार सांप और टाइगर में मुकाबला हो चुका है।
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