विशाखापट्नम टेस्ट में टीम इंडिया ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. इंग्लैंड को पहली पारी में 255 रन पर समेटने के बाद अब विराट कोहली को भी लगने लगा होगा कि भारतीय टीम के लिए जीत की मंजिल ज्यादा दूर नहीं है. इस संभावित जीत में विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा की शतकीय पारी अहम रहेगी तो अश्विन के हरफनमौला प्रदर्शन को कमतर नहीं आंका जा सकता. लेकिन, इंग्लैंड के कप्तान एलिएस्टर कुक किस तरह अपने ही बुने जाल में फंस गए, यह भी बेहद दिलचस्प है.दरअसल, राजकोट टेस्ट मैच में जीत के काफी करीब पहुंचने के बाद कुक ने विशाखापट्नम टेस्ट में कुछ ऐसी ही रणनीति बनाई. कुक की कोशिश थी कि भारतीय टीम एक बार फिर वही गलती करेगी और वह सीरीज में बढ़त लेने में कामयाब हो जाएंगे.दूसरे टेस्ट मैच में कुक ने भारत के खिलाफ इंग्लैंड की जो टीम उतारी, उसमें सात बल्लेबाज ऐसे हैं जो बाएं हाथ से बैटिंग करते हैं. भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ये पहला मौका है जब किसी टीम में भारत के खिलाफ इतने बाएं हाथ के बल्लेबाज मैदान में उतारे.इस टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम में बतौर बाएं हाथ के बल्लेबाज एलिएस्टर कुक, बेन डकैट, बेन स्टोक्स, मोइन अली, स्टुअर्ट ब्रॉड, जफर अंसारी और जेम्स एंडरसन हैं.राजकोट टेस्ट में भी इंग्लैंड की टीम में छह बाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूद थे. इस बार जेम्स एंडरसन के आने से इस टेस्ट मैच में इनकी संख्या सात हो गई. यही वजह थी कि राजकोट टेस्ट मैच में एलिएस्टर कुक में यह दांव खेला और यह घातक साबित हुआ.दिलचस्प बात यह है कि मैच के पहले दिन से ही भारत इस मैच पर हावी रहा. पहले दिन पुजारा और कोहली ने शतक जमाकर इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेला और अब गेंदबाजों ने भारतीय टीम को बड़ी बढ़त दिलाई.







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