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जनसुनवाई में पहुंचकर छात्राओं ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन जीवाजी विश्वविद्यालय के कुल सचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं प्राध्यापकों पर लगाया भविष्य के खिलवाड़ करने का आरोप

शिवपुरी। शास. कन्या महाविद्यालय शिवपुरी की छात्राओं ने आज जनसुनवाई में पहुंचकर महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने आरोप लगाया कि जीवाजी विश्वविद्यालय के कुल सचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं प्राध्यापकों द्वारा उनके भविष्य के खिलवाड़ किया जा रहा है। इनके द्वारा परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही तरीके से नहीं होने के कारण महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को फेल कर दिया गया है। 

ज्ञापन में उल्लेख किया कि बीएससी बायो द्वितीय सेमेस्टर की रोल नंबर 15129308 से लगायत 161035318 कुल 50 छात्राओं में एक भी छात्रा पास नहीं हो सकी है। छात्राओं को रसायन शास्त्र व जीव विज्ञान में फेल किया गया है। इस प्रकार छात्राएं मनमानी का शिकार हुई हैं। छात्राओं ने बताया कि वह कॉपी जांचने की समिति बनाने व कॉपी की छायाप्रति प्राप्त करने हेतु कुल सचिव व परीक्षा नियंत्रक से मिलने जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर गए थे, लेकिन वहां से कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए भगा दिया गया। छात्राओं ने राज्यपाल से मांग की है कि वह उनके साथ हो रहे अन्याय से उन्हें न्याय दिलाने की कृपा करें।  इस दौरान बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। 

क्या कहती हैं छात्राएं

-हमारा जो सेंकंड सेमस्टर का रिजल्ट आया है जिसमें अधिकतर छात्राओं के जीरो-जीरो मार्क आए हैं। इस संबंध में प्राचार्य को शिकायत करने पर उन्होंने यूनिवर्सिटी में आवेदन भेजा, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

मंजू जाटव, छात्रा

-हमें कैमिस्ट्री में एटीकेटी दी गई है। सभी छात्राओं को जीरो-जीरो मार्क दिए गए हैं। प्राचार्य द्वारा बताया गया कि अभी 20 कॉपियां चैक हुई हैं अन्य कॉपियों को चैक कराया जा रहा है। कुछ छात्राओं द्वारा रिवेल्यूशन का फार्म भरा गया है।

ललिता धाकड़, छात्रा

इनका कहना है

-छात्राओं ने एक शिकायती आवेदन दिया है हम आवेदन को भिजवाकर पूछेंगे कि इसमें क्या कार्यवाही हो सकती है। कार्यवाही विश्वविद्यालय को करनी है।

एके रोहितगी, अतिरिक्त कलेक्टर शिवपुरी

-सभी छात्राएं फेल नहीं हुइ हैं। कुछ छात्राएं पास भी हुई हैं। हमारे द्वारा पेपर कराने के बाद कॉपियों को यूनिवर्सिटी में भेजा जाता है। मूल्यांकन करने एवं रिजिल्ट का काम उनका है। छात्राओं की शिकायत के बाद हमारे द्वारा विश्वविद्यालय से संपर्क किया और पुन: कॉपी जांच करवाई है। उनका कहना है कि मूल्यांकन सही हुआ है। 

एनके जैन, प्राचार्य शास. कन्या महाविद्याल शिवपुरी

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