
बैराड़
नगर परिषद बैराड़ की कृषि उपज मंडी में थोक सब्जी दुकानदारों एवं मंडी
कर्मचारियों की मिलीभगत से टमाटर विक्रय हेतु लाने वाले किसानों से अवैध
रुप से मंडी टैक्स एवं नगर पंचायत टेक्स्ट के नाम पर दस रुपये क्रेट वसूली
करने को लेकर किसानो ने किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री प्रदीप छोटू
रावत के नेतृत्व में विरोध करते हुए मंडी में जमकर हंगामा एवं नारेबाजी की।
नगर की सब्जी मंडी में विक्रय करने हेतु टमाटर लाने वाले किसानोंसे कृषि
मंडी सचिव के इशारे पर नाकेदार द्वारा थोक टमाटर खरीद रहे दुकानदारों के
माध्यम से प्रति क्रेट रेट के हिसाब से 10 रुपए वसूली कराई जा रही थी
जिसमें 5 रूपय मंडी वाला एवं 5रु दुकानदार आपस में बांट रहे थे उसे लेकर
किसानों में आक्रोश था किसानों का कहना है कि किसानों की उपज पर मंडी टैक्स
नहीहोने पर भी मंडी टेक्स् बिना कोई रसीद दिये लिया जा रहा है। जब की मंडी
टैक्स मंडी के अंदर थोक व्यापारी दुकानदार द्वारा किसानों से खरीदी गई फसल
को मंडी प्रांगण से लोड कर बाहर भेजने पर लगता है फिर किसानों से वसूली
क्यों की जा रही है। थोक व्यापारियों का कहना है कि मंडी कर्मचारी द्वारा
हमसे 5रु प्रति क्रेट टैक्स लिया जा रहा है जिसकी कोई रसीद भी नहीं दी जा
रही किसानों के हंगामे के बाद फिलहाल किसानों से अवैध अवैध वसूली रोक दी गई
है परंतु प्रश्न यह है कि अभी तक 15 दिन में दो से ढाई हजार क्रेट
प्रतिदिन टमाटर की किसानों से करीब चार लाख रुपए की वसूली का दोषी कौन हैं
और शासन को अभी तक कितने रुपयों की रसीद काटी है यह जांच का विषय है।
नगर परिषद बैराड़ की कृषि उपज मंडी में थोक सब्जी दुकानदारों एवं मंडी
कर्मचारियों की मिलीभगत से टमाटर विक्रय हेतु लाने वाले किसानों से अवैध
रुप से मंडी टैक्स एवं नगर पंचायत टेक्स्ट के नाम पर दस रुपये क्रेट वसूली
करने को लेकर किसानो ने किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री प्रदीप छोटू
रावत के नेतृत्व में विरोध करते हुए मंडी में जमकर हंगामा एवं नारेबाजी की।
नगर की सब्जी मंडी में विक्रय करने हेतु टमाटर लाने वाले किसानोंसे कृषि
मंडी सचिव के इशारे पर नाकेदार द्वारा थोक टमाटर खरीद रहे दुकानदारों के
माध्यम से प्रति क्रेट रेट के हिसाब से 10 रुपए वसूली कराई जा रही थी
जिसमें 5 रूपय मंडी वाला एवं 5रु दुकानदार आपस में बांट रहे थे उसे लेकर
किसानों में आक्रोश था किसानों का कहना है कि किसानों की उपज पर मंडी टैक्स
नहीहोने पर भी मंडी टेक्स् बिना कोई रसीद दिये लिया जा रहा है। जब की मंडी
टैक्स मंडी के अंदर थोक व्यापारी दुकानदार द्वारा किसानों से खरीदी गई फसल
को मंडी प्रांगण से लोड कर बाहर भेजने पर लगता है फिर किसानों से वसूली
क्यों की जा रही है। थोक व्यापारियों का कहना है कि मंडी कर्मचारी द्वारा
हमसे 5रु प्रति क्रेट टैक्स लिया जा रहा है जिसकी कोई रसीद भी नहीं दी जा
रही किसानों के हंगामे के बाद फिलहाल किसानों से अवैध अवैध वसूली रोक दी गई
है परंतु प्रश्न यह है कि अभी तक 15 दिन में दो से ढाई हजार क्रेट
प्रतिदिन टमाटर की किसानों से करीब चार लाख रुपए की वसूली का दोषी कौन हैं
और शासन को अभी तक कितने रुपयों की रसीद काटी है यह जांच का विषय है।






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