दो धड़ों में बंटकर समाज मनाएगा महाराज निषादराज जयंती
शिवपुरी। प्रदेश सरकार द्वारा विगत समय बाथम समाज की मुख्य धारा से जोडऩे एवं समाज में एकजुटता लाने के लिए शिवपुरी के राजू बाथम को राज्यमंत्री का दर्जा देते हुए मछुआ कल्याण बोर्ड के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शासन द्वारा जिस मंशा से राजू बाथम को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, इस मंशा पर उस समय कुठाराघात लगा जब शिवपुरी में ही बाथम समाज दो धड़ों में बंटता दिखाई दे रहा है। समाज द्वारा महाराज निषादराज जयंती पर समारोह का आयोजन कराया जा रहा है। इस दौरान महाराज निषादराज की जयंती के समाज द्वारा एक जुटकर नहीं, बल्कि दो संगठनों के बैनर तले अलग-अलग रूप से मनाई जा रही है। यहां गौर करने वाली बात यह है शिवपुरी राजू बाथम का गृहजिला है जब वह अपने गृहजिले में ही समाज में एकता नहीं बना सके तो फिर पूरे प्रदेश में बाथम समाज का नेतृत्व कैसे कर सकेंगे।
शासन द्वारा मछुआ कल्याण बोर्ड बोर्ड का गठन किया जिसका प्रमुख कार्य मांझी समाज के उत्थान एवं विकास हेतु कार्य करना है। हाल ही शिवपुरी के राजू बाथम को मछुआ कल्याण बोर्ड का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है जिससे वह इस बोर्ड के कार्यों को आगे बढ़ाएं और समाजहित में कार्य करें, लेकिन यहां चौकाने वाला पहलू यह सामने आया है जिस राजू बाथम को मछुआ बोर्ड का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है शिवपुरी जिला इनकी जन्मस्थली है, लेकिन यहां पर इनकी कार्यप्रणाली पर उस समय सवालिया निशान लगने लगा जब यहां बाथम समाज में अपने सामाजिक कार्यों में भी एकजुट नहीं है। यहां पर महाराज निषादराज समारोह का आयोजन मांझी जनजाति कल्याणकारी संस्था और महाराज निषादराज समारोह समिति द्वारा अलग-अलग आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन से यह सिद्ध होता है जिस राजू बाथम को प्रदेश का नेतृत्व सौंपा गया है, वह अपने ही जिले में समाज का नेतृत्व नहीं कर पा रहे तो वह पूरे प्रदेश में कैसे समाज का नेतृत्व कर पाएंगे।
समाज में सम्मेलन भी दो गुटों में
समाज के लोगों सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है जिसमें
29 अप्रैल को महाराज निषादराज समारोह समिति द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जबकि 7 मई को मांझी जनजाति कल्याणकारी संस्था द्वारा किया जा रहा है। यहां पर भी समाज दो धड़ों में बंटा हुआ नजर आ रहा है।






Be First to Comment