पोहरी-शिक्षक अपने दायित्वों को समझे और बच्चों को बेहतर शिक्षा दें सरकार विद्यालयों में तरह तरह के संसाधन उपलब्ध करा रही है इसका उपयोग पठन पाठन में करें ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके , यह बात बीआरसीसी पोहरी विनोद मुदगल द्वारा कृष्णगंज पोहरी में इस समय चल रहे एनसीईआरटी आधारित कक्षा तीन से पांच पढ़ाने वाले शिक्षकों के पर्यावरण और गणित विषय के प्रशिक्षण के दौरान कही गई |
साथ ही अनुपस्थित रहने बाले शिक्षकों को स्वयं के व्यय पर प्रशिक्षण लेने की बात कही
प्रशिक्षणार्थीयों की ऑनलाइन उपस्थिति का हवाला देते हुये प्रशिक्षण प्रभारी मॉगीलाल वर्मा ने समय पर उपस्थित होने की अपील की प्रशिक्षक अशोक शर्मा और देवेन्द्र शर्मा ने प्रशिक्षण शिविर के दौरान कहा कि शिक्षा के 4 पहलू है विद्यार्थी ,अभिभावक, शिक्षक, और सरकार हम सभी को अपना अपना काम ईमानदारी से करना होगा , गुणवत्ता शिक्षा की आत्मा होती है इसके साथ ही स्कूलों में शिक्षक छात्र फ्रेंडली संबंध बनाएं | अमूमन देखा जाता है कि शिक्षक क्लास में गए और पुस्तक लेकर बच्चों को सवाल जवाब लिखा कर अपनी ड्यूटी पूरी कर लेते हैं | नीति शिक्षा कहने सुनने में तो सरल है पर वह अत्यंत कठिन है इसके लिए सबसे पहले अध्यापक को अपना बाहरी और आंतरिक जीवन ऐसे सांची में डालना होता है कि शिक्षक अपने कर्तव्य के अनुरूप गुरु -शिष्य की पवित्र परंपरा का निर्वहन करते हुए बच्चों को गुणात्मक शिक्षा ग्रहण करवाने के में किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़े, इसके साथ ही शिक्षा का आयोजन बालकेन्द्रित हो ,शिक्षक केंद्रित नहीं ,यह ध्यान रखा जाना चाहिए बालकों की रुचियों और जिज्ञासाओं का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है छात्रों को शिक्षा के साथ साथ खेलो एवं नैतिक मूल्यों का समावेश करना भी बहुत जरुरी है इस मौके पर बी ए सी मांगीलाल वर्मा ,प्रशिक्षक शरद जैन, शिव कुमार श्रीवास्तव एवं समस्त प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे






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