नीरज श्रीवास्तव 9713943600
भोपाल| जेल में कैदियों से मिलने के लिए पहुंचने वाले परिजनों या परिचितों के हाथ पर मोहर लगाई जाती है| यह पहचान के लिए लगाई जाती है, ताकि कोई कैदी भीड़ का फायदा उठाकर बाहर न निकल जाए परंतु भोपाल जेल में रक्षाबंधन पर जेल में बंद कैदियों से मिलने आये परिजनों के चेहरे पर ऐसी मुहर लगा दी गई जैसे वो भी एक अपराधी हो |
इस मामले को मीडिया में आने के बाद मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है और जेल महानिदेशक से सात दिवस में रिपोर्ट मांगी है।
इस घटना को अमानवीय और मानव मूल्यों के विरूद्ध है बताया तथा इसमें बच्चों के मौलिक व मानवाधिकारों का हनन हुआ है। आयोग ने इस तरह की प्रथा को तत्काल बंद किये जाने की सिफारिश की है। आयोग ने घटना के सिलसिले में साफ कहा है कि चेहरे पर सील लगाकर बच्चों के गरिमा के अधिकार को छीना गया है और उन्हें मानसिक प्रताडऩा दी गई है। आयोग ने इसके लिए पीडि़तों को दस हजार की राहत राशि देने की अनुशंसा किए जाने की मांग की है। आयोग ने पीडितों के नाम और पते की जानकारी भी चाही है।
वही जेल मंत्री कुसुम सिंह महदेले ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि
सेंट्रल जेल भोपाल में मिलने गए केदियो के बच्चों के मुंह पर सील लगाने के मामले में जांच के आदेश दिये है साथ ही कहा है कि दोष सिद्ध होने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी





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