जबलपुर। मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने देर से ही सही बिजली कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का तोहफा आखिरकार दे ही दिया। मैनेजमेंट कंपनी ने मंगलवार को बिजली वितरण कंपनियों में कार्यरत सभी पात्र अधिकारी-कर्मचारियों को सातवें वेतनमान देने संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं,मप्र बिजली कर्मचारी महासंघ के महामंत्री किशोरी लाल रायकवार ने बताया कि महासंघ के प्रयास से पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने सातवां वेतनमान देने के आदेश जारी कर दिए हैं। जबकि फ्रिंज बेनिफिट जैसी अन्य मांगों पर भी शीघ्र निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया गया है। महासंघ के राजकुमार यादव, राजकुमार नायक, विजय जैन, ललित अहिरवाल, राजेश जैन, उमाकांत मालवीय, प्रशांत चैतन्य, भूपेन्द्र यादव, उमाकांत मालवीय आदि ने आभार जताया है। वहीं तकनीकी कर्मचारी संघ के रामसमुझ यादव, प्रांतीय अध्यक्ष शंभूनाथ सिंह, रमेश रजक, एसके मोर्या, एसके शाक्या, हरेन्द्र श्रीवास्तव, जेके कोष्टा आदि ने सभी कंपनियों का आभार जताया है। फोरम की सभा आज,मप्र यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्पलाइज एवं इंजीनियर्स के अर्जुन यादव ने जारी बयान में बताया कि पॉवर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा सातवें वेतनमान के आदेश जारी किए जाने से बिजली कर्मचारियों में खुशी की लहर है। आदेश का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें जो विसंगतियां होंगी उसे लेकर बुधवार को शाम 5ः35 बजे बेरियर गेट पर आम सभा कर चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर फोरम के प्रांतीय संयोजक वीकेएस परिहार, राजेश श्रीवास्तव, संजय भागवतकर आदि उपस्थित रहेंगे।
बिफरे निगम कर्मचारी
अधिकारी-कर्मचारियों के एंड्राइड मोबाइल पर स्वच्छता एप डाउनलोड न करने पर वेतन रोकने नगर निगम के तुगलकी फरमान से निगम कर्मी भड़क गए हैं। तकनीकी अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पं.राम दुबे ने जारी बयान में बताया कि नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया है कि कई कर्मचारी ऐसे हैं जिनका वेतन ही 15 से 20 हजार रुपए है वे 15 हजार का मोबाइल कैसे लेंगे? संघ के कपिल दुबे, देवकुमार दुबे, लेखराज पटेल, नवीन व्यास, मुकेश पटेल आदि ने ऐसा आदेश वापस लेने की मांग की है।





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