रोककर करोड़ रुपए की लागत से एक बड़ी जल संरचना (डैम) का निर्माण होने जा रहा
है। इससे ब्लॉक के 15 से अधिक गांवों को सिंचाई के लिए नहर से पानी देकर
सिंचित रकवे में बढ़ोतरी की जाएगी। इससे गांवों के वाटर लेवल में भी लाभ
होगा। इसके लिए ग्राम बारई , बामौर, रैंझाघाट के बीचों स्थित ग्राम सिंघन
में दो पहाड़ियों को रोकर 600 मीटर लंबाई वाला बांध बनाकर जल संरचना का रूप
दिया जाएगा। जिसके लिए शासकीय जमीन का सर्वे कार्य कर डैम बनाने के लिए उसे
चिन्हित कर लिया गया है। इस काम की डीपीआर तैयार कर विभाग के पास स्वीकृति
के लिए भेज दी गई है। जल्द ही डैम निर्माण का कार्य यहां शुरू किया जाएगा।
डैम की स्वीकृति पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी द्वारा प्रयास कर अपने
क्षेत्र के किसानों को लाभ देने के लिए स्वीकृत कराई है।
सर्वे का कार्य खत्म, डीपीआर के लिए प्रस्ताव भेजा
क्षेत्र के चार गांवों के बीच व ग्राम सिंघन में दो पहाड़ियों को रोक कर
एक बड़ा डैम पूर्व दिशा में बनाया जा रहा है। डैम का सर्वे कार्य पूरा कर
लिया गया है। इसके अलावा गांव में शासकीय भूमि भी चिह्नितम के निर्माण के
लिए विभाग के वरिष्ठ अफसरों को तकनीकी स्वीकृति के लिए भेजा है। इसके बाद
डीपीआर तैयार करी जल्द ही निविदाएं जारी कर डेम निर्माण का कार्य किसी
निर्माण कंपनी को सौंपा जाएगा।
सिंघन में बनेगा तालाब
मैंने
अधिकारियों के साथ कई जगह का निरीक्षण किया। जिसमें ग्राम सिंघन में डैम
बनने के लिए जमीन उपयुक्त मिली है। मेरे साथ जल संसाधन विभाग की टीम साथ
थी। जिन्हों तकनीकी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। अब सिंघन गांव
के पास तालाब बनाया जाएगा। वीरेंद्र रघुवंशी,पूर्व विधायक शिवपुरी
जमीन चिह्नित कर ली है
क्षेत्र
में बड़ी जल संरचना बनाने के लिए पूर्व विधायक के साथ पहुंचकर कई गांवों
में संभावनाएं तलाशी थी। लेकिन ग्राम सिंघन में पहाड़ियों के बीच जमीन
चिन्हित कर ली गई है। जिसका प्रस्ताव बनाकर तकनीकी स्वीकृति के लिए भोपाल
भेज दिया है। ब्रजेश भार्गव, एसडीओ जल संसाधन विभाग
डैम से इन 15 गांवों को मिलेगा लाभ
सिंघन में दो पहाड़ियों को रोकर बनाए जा रही जल संग्रहण संरचना से
सिंघन ग्राम पंचायत के आस पास सहित अन्य 15 से अधिक गांवों को सिंचाई के
लिए पानी मिलने सहित जल स्तर ऊपर आने में लाभ मिलेगा। जिनमें सिंघन,बारई ,
धामनटूक, गढ़, रैंझा, मदनपुर,पायगा, नारायणपुरा, कैलधार, झाड़ेल, बामौर, ऊमरी
सहित कई ऐसे गांव जिनको इस तालाब के निर्माण होने से लाभ मिलेगा।
पहाड़ियों को रोककर बनाई जाएगी बड़ी जल संरचना
ये अपने आप में एक अनोखा प्रोजेक्ट है। यहां दो पहाड़ियों को रोकर
डैम बनाया जाएगा। क्षेत्र में डैम बनने से किसानों को सिंचाई सहित अन्य मूल
भूत सुविधाओं में इजाफा होगा। पहाड़ियों के बीच बन रहा डैम जिले का पहला
मामला है। सिचाई विभाग का कहना है कि ये प्रयोग अगर यहां सफल हो गया तो
प्रदेश की कई पहाड़ियों को रोककर ये प्रयोग किया जाएगा। जिससे गांवों के
लोगों को ही ऐसी संरचनाओं का लाभ मिल सके।
डैम से किसानों की आर्थिक स्थिति में होगा सुधार
पहाड़ियों को रोककर बनाए जा रहे डैम से क्षेत्र के किसानों की
आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। सिंघन के किसान परमाल सिंह यादव, निवासी
सिंघन ने बताया है कि गांव में डेम का निमार्ण होने से क्षेत्र के 15 से
अधिक गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा। व आस पास के
गांवों में वाटर लेवल का स्तर भी सुधर जाएगा। गांव में डैम का सर्वे कार्य
होने से गांव सहित आस पास के गांवों में खुशी का माहौल है।





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