विद्युत मण्डल के अधिकारियों की उदासीनता के चलते जनता में रोष
कोलारस। इन दिनों विद्युत मण्डल के आधिकारियों की मनमर्जी जनता के लिये खासी परेशानी का कारण बनी हुई है। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की सुबिधा मिलना तो दूर की बात विभागीय तौर पर उन्हे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। बिधुत मंडल के काम का बोझ कम करने के लिये निजी कंपनी द्वारा अनुबंध कर अपने मीटर रीडर एवं लाइन मेंनों की नियुक्ति की गयी है। इस नियुक्ति में उन बेरोजगार युवाओं को लगाया गया है वे आर्थिक रूप से कमजोर एवं परिस्थियों के मारे है। जिनका काम महीने में मीटरों की रीडिंग लेना एवं लाइन खराब होन की दशा में बिधुत मण्डल के स्थाई स्टाफ की मदद करना मात्र है किंतु उनकी बेबसी का लाभ उठाकर विधुत मण्डल के अधिकारी कार्यालय समय के अतिरिक्त भी उनसे श्रम विभाग के नियमों से परे जाकर काम ले रहे है उनसे मूल काम के अतिरिक्त प्रतिदिन बसूली की लिस्ट थमा दी जाती है। अधिकारी अपना टारगेट का दबाब कम करने के लिये अपना भार इन अस्थाई नियुक्त युवाओं पर थोप रहे है जो अपनी नौकरी बचाने के चक्कर में किसी भी उपभोक्ता के घर जाकर कनेक्शन काटने की धमकी देते नजर आते है। यही नही कई उपभोक्ताओं के कनेक्शन तो बिना नोटिस दिये काट भी दिय गये। कंपनी द्वारा नियुक्त किये गये अकुशल कर्मचारियों को पहले पूर्ण प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है ताकि वे प्रशासन के लिये लाभकारी साबित हो सकें किसी दबाब में उनसे काम कराना कभी भी कोई अप्रिय घटनाक्रम पैदा कर सकता है। हालहि में इसी प्रकार के कर्मचारी को बिधुत मण्डल बदरवास द्वारा खंबे पर तक चड़ा दिया गया जिससे एक बड़ा हादसा होने से उसकी जान बच सकी है विगत कई दिनों तक वह ग्वालियर के निजी अस्पताल में भर्ती भी रहा है। इस प्रकार की घटनायें होने के बाद विधुत मंडल अपना पलड़ा झाड़ता नजर आता है। पूर्व में प्रशांत यादव,राजेश भार्गव जैसे अधिकारियों के समय इस प्रकार का गैर जिम्मेदाराना रवैयाा देखने को कभी नहीं मिला यही नही उनका मोबाइल हमेश जनता की तकलीफो ंके समाधान के लिये चालू रहता था। वर्तमान में हालात तो यह है कि अधिकारी जनता की सहुलियत की अपेक्षा अपनी सी आर को सही करने में बिशेष रूचि दिखा रहे है। उपभोक्ताओं की जिस तरह से वर्तमान समय में मानहानि हो रही है ऐसी पहले कभी नही हुई। ऐसे उपभोक्ताओं को बिधुत मण्डल तंग कर रहा है जो नियमित अपना बिल जमा करते है किसी कारण बस यदि 2 माह का बिल जमा नही है तो इन नये नवेले युवाओं को बिल बसूली के लिये घर पर भेज दिया जाता है वहीं विधुत मण्डल की बसूली की लिस्ट देखी जाए तो उसमें कई ऐसे शासकीय भवनों के बिल बकाया है जिन्होंने बर्षो से बिल जमा नही किया किंतु उन पर अधिकारियों के बसूली की कोई कार्यवाही नही हो रही है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो शीघ्र ही बिधुत मण्डल के बिरोध में धरणा प्रदर्शन एवं बंद का आंदोलन किया जाएगा।
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इनका कहना है
-शिव सेना द्वारा पूर्व में भी विद्युत मण्डल के तानाशाह अधिकारियों के विरोध में कई आंदोलन किये है। यदि वर्तमान में अधिकारियों द्वारा जनता का शोषण किया जा रहा है तो हम इस इनके बरिष्टï अधिकारियों को शीघ्र ही एक चेतावनी पत्र लिखेेंगे यदि इसके बाद भी बिधुत मण्डल की कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं हुआ तो जनता के हित में एक बार फिर बिधुत मण्डल का घेराब किया जाएगा।
विनोद शर्मा
अध्यक्ष शिव सेना
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यदि उपभोक्ताओ के साथ विद्युत मण्डल के कर्मचारियो द्वारा बसूली को लेकर अवेध्र व्यवहार किया जा रहा है। तो मैं पार्टी के वरिष्ठ नेताओ के साथ जाकर आलाधिकारियो से इस विषय पर चर्चा करूंगा। यदि शीघ्र ही विद्युत मण्डल के अधिकारियों ने अपना रवैया नही बदला तो भोपाल तक इसकी शिकायत कि जायेगी।
विपिन खैमरिया,
मण्डल अध्यक्ष कोलारस





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