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भारतीय सेना को मिलेगी ‘धनुष की ताकत

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जबलपुर ।दुश्मन की सेना के टैंक और विमानों के छक्के छुड़ाने के
लिए भारतीय सेना को जल्द ही धनुष की ताकत मिलने वाली है। स्वीडिश तोप
बोफोर्स 18 साल पहले दुश्मन से कारगिल की चोटियां वापस छीनने में मददगार
हुई थी, लेकिन यह देशी तोप न सिर्फ चोटियां छीन सकती है बल्कि विमानों को
भी मार गिराएगी।
परीक्षण के दौरान मजल फटने और दिल्ली की सप्लायर
कंपनी द्वारा मेड इन जर्मनी के बजाय मेड इन चाइना के वायर रोस बेयरिंग
सप्लाई करने से इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे थे। हालांकि जीसीएफ और
रक्षा मंत्रालय की जांच में इस तोप में कोई गंभीर त्रुट नहीं पाई गई। इस
कारण इसके जल्द ही भारतीय सेना में शामिल होने के आसार बन रहे हैं। रक्षा
मंत्रालय से मिले संकेतों के मुताबिक धनुष को भारतीय सेना में शामिल करने
की घोषणा विश्वकर्मा जयंती (16 सितंबर) पर हो सकती है।
धनुष ने पिछले
5 सालों में ठंड, गर्मी और बारिश में भी सारे परीक्षण पास किए। सैन्य
अफसरों ने बालासोर फायरिंग रेंज में धनुष तोप को सभी परीक्षणों में सफल
पाया। पोखरण रेंज में 2014 में फायरिंग के दौरान धनुष के बैरल में स्क्रैच
आया। इसके बाद भी धनुष प्रोजेक्ट जारी रहा। 2017 में पोखरण में ही मजल फटने
की घटना हुई। इनकी जांच में अफसरों ने पाया कि 3,700 राउंड फायरिंग में
मात्र दो घटनाएं मामूली ही है।
इसमें भी सैन्य जवान या अफसरों को
नुकसान नहीं पहुंचा। आर्टलिरी गन के परीक्षण में ऐसी घटनाएं होती हैं। इससे
धनुष प्रोजेक्ट को रोकना उचित नहीं है। इस जांच रिपोर्ट के बाद उम्मीद है
कि रक्षा मंत्रालय से जीसीएफ को शीघ्र ही 114 धनुष तोप बनाने का आदेश मिल
जाएगा।
धनुष की यह विशेषता
– मारक क्षमता -38 से 40 किमी.
– तकनीक -अत्याधुनिक और कम्प्यूटरीकृत सिस्टम से संचालन।
– फायर -करीब 18-20 राउंड प्रति मिनट
– लागत – 14 से 16 करोड़
– मौसम – गर्मी, ठंड, बारिश में भी सटीक मार
– कैलिबर -155एमएम/45 कैलिबर गन
होवित्जर की असफलता ने बढ़ाए नंबर
केंद्र
सरकार ने कुछ महीने पहले दक्षिण कोरिया से 155एमएम/45 कैलिबर होवित्जर तोप
लेने का करार किया। धनुष की तुलना में तीन गुना महंगी और कम मारक क्षमता
की है। दूसरा, पिछले महीने दक्षिण कोरिया में ही परीक्षण के दौरान इसमें
विस्फोट होने से दो सैनिकों की मौत हो गई और 5-6 अन्य घायल हो गए। इससे
होवित्जर की तुलना में धनुष के नंबर बढ़ गए हैं।
इनका कहना है
स्वदेशी
धनुष तोप में दो घटनाओं की जांच में कुछ नहीं मिला है। उम्मीद है कि धनुष
तोप को जल्द ही सैन्य बेड़े में शामिल करने की घोषणा होगी – संजय श्रीवास्तव, पीआरओ व एजीएम, जीसीएफ

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