

ज्योतिरादित्य सिंधिया जी की संवेदनशीलता ने बचाई महिला सहयात्री की जान।
ग्वालियर
से दिल्ली की शताब्दी ट्रेन से यात्रा कर रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया जी
एवं अनेक यात्रीगणों को रेल्वे की लचर व्यवस्था का शिकार होना पड़ा, और
रेल्वे हादसों से प्रभावित आवागमन के कारण बिना किसी सूचना के 02:30 घंटे
ट्रेन को आज रात्रि में 11.40 से 02.15 तक दिल्ली से बाहर अनजान जगह पर खड़ा
कर रखा।
से दिल्ली की शताब्दी ट्रेन से यात्रा कर रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया जी
एवं अनेक यात्रीगणों को रेल्वे की लचर व्यवस्था का शिकार होना पड़ा, और
रेल्वे हादसों से प्रभावित आवागमन के कारण बिना किसी सूचना के 02:30 घंटे
ट्रेन को आज रात्रि में 11.40 से 02.15 तक दिल्ली से बाहर अनजान जगह पर खड़ा
कर रखा।
इस दौरान एक
सहयात्री श्रीमती वंदना जो की आगरा से दिल्ली की ओर यात्रा कर रही थी उनकी
तबियत अचानक बहुत ज्यादा खराब हो गई, रेल्वे की लाहपरवाही का ये आलम यह
रहा कि ट्रेन में एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं था, महिला की हालत अत्यंत
गम्भीर देख उसी कोच में यात्रा कर रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया जी ने तत्काल
रेलमंत्री #पीयूष_गोयल जी एवं डीआरएम को दो-दो बार फोन लगाया एवं तत्काल
हास्पिटल एवं डॉक्टरो से फोन पर चर्चा की व एम्बुलेंस को बुलाया । इस सबके
बावजूद तकरीबन 01 घंटे तक महिला जिन्दगी और मौत से जूझती रही काफी मशक्कत
के बाद ट्रेन स्टेशन पर पहुंची जहां सिंधिया जी ने महिला को खुद एम्बुलेंस
से अस्पताल पहुंचाया व हास्पिटल में उपचार की व्यवस्था की और परिजनों को हर
संभव मदद का भी भरोसा दिलाया।
सहयात्री श्रीमती वंदना जो की आगरा से दिल्ली की ओर यात्रा कर रही थी उनकी
तबियत अचानक बहुत ज्यादा खराब हो गई, रेल्वे की लाहपरवाही का ये आलम यह
रहा कि ट्रेन में एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं था, महिला की हालत अत्यंत
गम्भीर देख उसी कोच में यात्रा कर रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया जी ने तत्काल
रेलमंत्री #पीयूष_गोयल जी एवं डीआरएम को दो-दो बार फोन लगाया एवं तत्काल
हास्पिटल एवं डॉक्टरो से फोन पर चर्चा की व एम्बुलेंस को बुलाया । इस सबके
बावजूद तकरीबन 01 घंटे तक महिला जिन्दगी और मौत से जूझती रही काफी मशक्कत
के बाद ट्रेन स्टेशन पर पहुंची जहां सिंधिया जी ने महिला को खुद एम्बुलेंस
से अस्पताल पहुंचाया व हास्पिटल में उपचार की व्यवस्था की और परिजनों को हर
संभव मदद का भी भरोसा दिलाया।






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