जब गर्मी अपनी चरम पर होती है तब स्कूलों से घर आते हैं छात्र-छात्राएंशिवपुरी। इन दिनों सूर्यदेव अपना रौद्र रूप दिखा रहे हैं और पारा 43 डिग्री के करीब पहुंच गया है। ऐसे में स्कूलों में पढऩे वाले नौनिहाल सहित अन्य छात्र-छात्राएं सूर्यदेव के रौद्र रूप को झेलने को विवश हैं क्योंकि स्कूलों की छुट्टी दोपहर 12 बजे के बाद होती है जब गर्मी अपनी चरम सीमा पर होती है। इस समय बच्चों की बात तो दूर बड़े भी बिना आवश्यक कार्य के बाहर निकलना मुनासिब नहीं समझते हैं। अभिभावकों कहना है कि इस भीषण गर्मी में स्कूलों की छुट्टियां कर देना चाहिए जिससे कि बच्चों को इस भीषण गर्मी से राहत मिल सके। बताना होगा कि अभी हाल ही में भोपाल में कलेक्टर कलेक्टर निशांत वरवड़े ने मौसम विभाग के डारेक्टर की रिपोर्ट के बाद पहली से आठवीं तक की बच्चों की छुट्टियां घोषित की। 9 वी से 12वी तक के बच्चों का स्कूल दोपहर 12 की जगह 11 बजे तक लगने के आदेश दिए हैं। हलांकि जिन स्कूलों में परीक्षाएं चल रहीं हैं उनको यह आदेश दिए गए हैं कि बच्चों की परीक्षाएं दोपहर 11 बजे तक हर हाल में पूरी कराने की बात कही। भोपाल कलेक्टर द्वारा शासन के वरिष्ठ अधिकारियोंं से फोन पर बात करने के बाद छुट्टियां घोषित करने का निर्णय लिया गया है।
क्या कहते हैं अभिभावक
-इस समय गर्मी अपनी चरम पर है और बच्चों की स्कूल से छुट्टी दोपहर के समय होती है जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। प्रशासन को इस समय स्कूलों का अवकाश घोषित कर देना चाहिए।
रामभरत, अभिभावक
-भोपाल कलेक्टर की तरह शिवपुरी कलेक्टर साहब को भी पहल करनी चाहिए और स्कूलों में अवकाश घोषित करना चाहिए। गर्मी में सबसे ज्यादा विपरीत अवसर बच्चों पर ही पड़ता है। इस भीषण गर्मी में घर में ही बैठना मुश्किल हो रहा है जबकि बच्चे भीषण गर्मी में घर वापस लौटकर आते हैं।
रामचरण, अभिभाषक
इनका कहना है
मेरे पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई, अब आपके द्वारा मामले को संज्ञान में लाया गया है तो मैं मामले को दिखवाता हूं।
ओपी श्रीवास्तव, कलेक्टर शिवपुरी






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