शौचालय कहीं बने तो कहीं धरातल से गायब है
खनियाधाना :– जिले के जनपद पंचायत खनियाधाना के ग्राम बसाहर में सरपंच सचिव द्वारा आजकल मनमानी देखने को मिल रही है यहां पर सरपंच सचिव के द्वारा शौचालयों के निर्माण कराए गए शौचालयों की स्थिति अति दयनीय है और कहीं शौचालय बने हैं तो अधूरे पड़े हैं और कुछ तो धरातल से गायब हैं और रुपए सरपंच की जेब में पहुंच गए हैं जब इस संबंध में सरपंच सचिव रोजगार सहायक से बात की तो वह अपनी सफाई भी ना दे पाए सरपंच ने बताया कि ग्राम पंचायत बसाहर में कुल 152 शौचालयों का निर्माण कराया गया है जिसमें 6 शौचालयों का काम जारी है और 146 शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया गया है जब हमारी टीम ने मौके पर जाकर पूर्ण शौचालयो को देखा गया तो इनमें से 60 प्रतिशत शौचालय बने है जिनमे से 40 प्रतिशत शौचालय अधूरे है और 20 प्रतिशत शौचालय पूर्ण है जिसमें से 40 प्रतिशत शौचालय धरातल से गायब ही है तो ग्राम पंचायत बसाहर के शौचालयों की जमीनी हकीकत सामने आई। सरपंच,सचिव द्बारा पूर्ण बताए जा रहे 146 शौचालयों में से एक भी शौचालय ऐसा नही है कि जिसका उपयोग हितग्राही कर सके। जिसके चलते ग्रामीणों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होकर शोंच के लिये बहार जाना पड़ रहा है। कई शौचालयों के तो गड्ढे ही नही खोदे गए और कई शौचालयों के गड्ढे नही पाटे गए। और कई शौचालयों की कोठरियों को गुणवत्ता विहीन बनाया गया है। जो कुछ ही वर्षो में ध्वस्त हो जाएगी। भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छ भारत अभियान को ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव के द्वारा पलीता लगाया जा रहा है।
सरपंच सचिव खुद करा रहे शौचालय निर्माण कार्य :–
ग्राम पंचायत बसाहर में सरपंच सचिव खुद शौचालयों का निर्माण कार्य करा रहे हैं जबकि शासन की योजना के अंतर्गत हितग्राही खुद अपना शौचालय बनाएगा और शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण होने पर हितग्राही के खाते में सरपंच सचिव रुपए डालते हैं जबकि इस पंचायत में योजना के अंतर्गत पूरा उल्टा सिस्टम चलाया जा रहा है यहां पर सरपंच सचिव खुद ही घटिया निर्माण कार्य करा रहे हैं और हितग्राहियों के खाते में रुपए डालकर बैंक में अपनी सेटिंग बिठाकर रुपए निकाल कर अपनी जेब भर रहे हैं जबकि हितग्राही को कोई पता ही नहीं कि हमारे शौचालय का कितना रूपया आया और कितना रुपए निकाला गया
सरपंच पति को बैंक के बाहर हितग्राहियो की पास बुक लिये देखा जाता है :–
ग्राम पंचायत बसाहर के सरपंच पति को बैंक के बाहर हितग्राहियो की पास बुक लिये आय दिन देखा जाता है जब इस संबंध में हितग्राहियो से पंचायत में जाकर बात की गई तो हितग्राहियो का कहना रहा की हमारे खाते की किताब हमारे पास नही है सरपंच साहब रखे है न तो हमारे लिये पता है की हमारे खाते में कितने रुपये आते है और कितने रुपये निकल लेते है कई बार सरपंच साहब ने हमारे लिये ट्रेक्टर में बैठा कर बैंक ले गए और अगूंठा व हस्ताक्षर करा कर बापस कर दिया न तो हमे जे पता है कि कित्ते रुपये निकले य न निकाले और न हमे कोई रुपये मिले
इनका कहना
फिलहाल मेरे संज्ञान में यह मामला नही है और न किसी की कोई शिकायत है अगर आपके द्वारा बताया गया तो में दिखवा लेता हूं अगर ऐसा पाया गया तो जरूर कार्यवाही की जायेगी
ब्रामेंद्र गुप्ता
सी ई ओ जनपद पंचायत खनियाधाना






Be First to Comment