‘दुकानों पर बोतल की एमआरपी सूचित करने वाले रेट चार्ट लगाएं शराब विक्रेता’
शराब की कालाबाजारी की शिकायतों को लेकर दिल्ली सरकार कितनी गंभीर है यह इस खबर को पढ़कर पता चल जाएगा. दरअसल, नीतीश सरकार जहां बिहार में अपने शराबबंदी को सफल बनाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है. वहीं दिल्ली सरकार शराब के शौकीनों की जेब का ख्याल रखने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है.
शहर के शराब विक्रताओं द्वारा ज्यादा दाम लिए जाने संबंधी शिकायतें मिलने के बाद दिल्ली सरकार ने सभी को निर्देश दिया है कि वे विभिन्न ब्राडों के साथ उनके खुदरा मूल्य का चार्ट अपनी दुकानों पर लगाएं.

हालांकि, कुछ शराब कंपनियों ने अपने उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं, लेकिन कुछ अन्य की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इसे देखते हुए ग्राहकों में अधिकतम खुदरा मूल्य को लेकर भ्रम की स्थिति है.
आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने सभी शराब दुकानों के प्रबंधकों को निर्देश दिया है कि वो नोटिस बोर्ड पर शराब का ब्रांड और उसका अधिकतम खुदरा मूल्य लिखें ताकि ग्राहकों को कोई भ्रम न हो. दिल्ली सरकार ने लगातार दूसरे वर्ष आबकारी शुल्क में वृद्धि नहीं की है और शराब ब्रांडों ने भी अपनी कीमत में इस साल कुछ ज्यादा इजाफा नहीं किया है.
शराब का अधिक दाम वसूले जाने के मामले पर उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर निवासी अंकित गौतम का कहना है कि उन्होंने नेहरू प्लेस स्थित एक दुकान से रम को बोतल 360 रुपए में खरीदी थी, जबकि उस पर एमआरपी 320 रुपए लिखी थी. उन्होंने कहा कि जब मैंने विक्रेता से पूछा कि वह एमआरपी से ज्यादा मूल्य क्यों ले रहा है तो उसने कहा, दाम बढ़ गए हैं.





Be First to Comment