पिछोर। महिला द्वारा पहले वलात्कार एवं आपराधिक गृह अतिचार की रिपोर्ट दर्ज कराई गई जिस पर भा द वि धारा 450 ,376 का प्रकरण दर्ज किया गया बाद में अपने बयानो से मुकर जाने पर आरोपी राजवेन्द्र उर्फ राघवेन्द्र को आरोपो से दोष मुक्त किया गया, वही फरियादी महिला को दोषी मानते हुये कार्यवाही हेतु परिवाद पत्र तैयार किया जा कर कार्यवाही हेेतु माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट शिवपुरी की ओर भेजा गया। उक्त संम्पूर्ण कार्यवाही संजय गोयल अपर सत्र न्यायाधीश पिछोर जिला शिवपुरी की अदालत मे हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी पर यह आरोप था कि उसने 31.03.2016 की रात 3:30 बजे प्रार्थिया के मकान ग्राम महोबा अंर्तगत थाना पिछोर मे प्रवेश कर प्रार्थिया के साथ वलात्कार का अपराध कारित किया। साथ ही उसने बताया कि मे अपनी पुत्र पुत्रियेा के साथ मकान की छत पर सो रही थी पती आगन मे सो रहा था तभी आरोपी ने आकर बलात्कार किया बाद में प्रार्थिया द्वारा भौती थाने मे रिर्पोट दर्ज करायी गई जिस पर प्रकरण विवेचना मे रहा एवं मा. न्यायालय मे विभिन्न स्तरों पर बयान दर्ज किये गये। अंत मे महिला द्वारा कोर्ट मे इस तथ्य से अनभिज्ञता प्रकट की गई कि उसे पुलिस ने रिपोर्ट पढकर सुनाई थी जिस पर उसने अंगूठा निशानी लगाई थी तथा महत्वपूर्ण उन विन्दुओ से इनकार किया जिससे आरोपी पर आरोप सिद्ध हुआ। मा. न्यायालय ने विवेचना के आधार पर यह पाया कि आरोपी पर बलात्कार का आरोप प्रमाणित नहीं होता। अत: वह 450, 376(1) के आरोपो से दोष मुक्त है, वही महिला द्वारा कथन बदले जाने पर मा. न्यायाधीश संजय गोयल अपर सत्र न्यायाधीश पिछोर ने अपराध धारा 182,193,195 भादवि के तहत महिला के उपर इन धाराओ के तहत प्रकरण दर्ज करने हेतु परिवाद पत्र तैयार किया जाकर मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट शिवपुरी की ओर वैधानिक कार्यवाही हेतु भेजा गया।





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