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रट्टू तोता नही बनना है: एसडीएम छात्रों का बौद्धिक विकास होना चाहिए

पिछोर
सरकार द्वारा स्कूलों चलाए जा रहे मिल बांचे मध्यप्रदेश अभियान के तहत
पिछोर विकासखण्ड के ग्राम वमना के माध्यमिक विद्यालय में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान एसडीएम संजीव जैन ने बच्चों को रोचक कहानियाँ सुनाई
बच्चों से अपने अनुभव शेयर किए। श्री जैन ने कहा बच्चों को कोई भी काम नहीं
होता है आपको सिर्फ पडऩा और खेलना है ।जीवन में रट्टू तोता नही बनना है
इसके ऊपर उन्होंने एक कहानी के माध्यम से बच्चों मे रटने की बजाय समझकर उस
कार्य को करना है । जंगल में एक संत रहते थे वह बड़े दुखी थे वह देखते थे
कि बहेरिया आता है और आए दिन तोतो को पकड़ कर ले जाता है उन्होंने सोचा
क्यों न तोतो को पढ़ाया जाए कुछ तोतो को पढ़ाया सिखाकर जाल
फैलाता है।
दाना डालता जाल में फसना नहीं चाहिए। जंगल के सारे तोतो ने इस को याद कर
लिया संत बड़े खुश हुए । परन्तु कुछ दिनों बाद देखा कि बहेरिया बहुत सारे
तोतो को ले जा रह ाहै । वह सब वही कहानी बोल रहे थे शिकारी आता है जाल
फैलाता दाना डालता जाल मे फसना नहीं चाहिए। आप लोगों को तोते नही बनना है
दिमाग से सोच समझकर काम करना है। बच्चों से कहा आपको डरना नहीं है जब आप
गलती करते हैं तब डरना है।

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