खनियाधाना :– बमोरकलां गणेश टेकरी प्रांगण में संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन व्यास पीठ पर विराजमान पँ सतीश कौशिकजी महाराज ने सुखदेव जी महाराज सूत जी महाराज के जन्म की कथा सुनाई भगवान भोले नाथ द्वारा माता पार्वती को अमरकथा सुनाना कथा को अंडे में सुत जी महाराज द्वारा सुनना भोले शंकर द्वारा सूतजी को मारने दौड़ना भागकर सूतजी का व्यासजी महाराज की पत्नी के पेट मे जाना आदि कथा 4 श्लोको से 18 हजार श्लोको को बनाकर महाभारत की रचना होना आदि प्रसंगों को सुंदर गीतों में पिरोकर बताया ।महाराजजी ने बताया भगवान जन्म नही लेते वो प्रकट होते है ।प्रश्न किया जब भगवान लीला पूरी करके अपने धाम गए तो धर्म किसकी शरण मे गया ।जब अश्वस्थामा द्वारा उत्तरा के गर्व पर बह्म अस्त्र का प्रयोग किया जाता तो भगवान उनको बचा लेते है वही बालक परीक्षत बनते है जो 14 वर्ष की अवस्था मे राजा बने द्वापरयुग का जन्म होता ।कथा में सुंदर भजनों पर भक्तो को आनन्द आया कथा 12 बजे से 5 बजे तक चली।कथा का आयोजन पिछोर विधायक के पी सिंह कक्काजू द्वारा कराई जा रही है जिसमे हजारो धर्मप्रेमी धर्म लाभ ले रहे है।






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