इंदौर, । नए साल में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी स्मार्ट मीटर लगाएगी। इसी साल आधा शहर दायरे में आ जाएगा। देश में सबसे ज्यादा स्मार्ट मीटर इंदौर की बिजली कंपनी खरीदने जा रही है। नई प्रणाली के तहत बिजली कंपनी अपना रेडियो फ्रिक्वेंसी आधारित वायरलेस नेटवर्क स्थापित करेगी। इसके बाद प्री-पेड व्यवस्था भी लागू हो सकेगी।स्मार्ट मीटर के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। टाटा, एलएंडटी समेत कई बड़ी कंपनियों ने इसमें दावेदारी की है। खरीदी प्रक्रिया इसी महीने पूरी हो जाएगी। 60 से 70 हजार मीटर खरीदे जाएंगे। इसके बाद मीटर लगाना और नेटवर्क इंस्टॉलेशन का काम किया जाएगा। बिजली कंपनी उन क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर पहले लगाएगी जहां बिजली चोरी ज्यादा हो रही है। स्मार्ट मीटर अब तक अमेरिका जैसे विकसित देशों में लगे हैं। हालांकि भारत में दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ में कुछ कंपनियों ने सीमित संख्या में लगाए हैं।
मीटर ही कंट्रोल रूम भेज देगा रीडिंग
स्मार्ट मीटर में रीडिंग लेने और बिल जनरेशन के लिए के लिए कर्मचारियों की जरूरत नहीं होगी। मीटर खुद रीडिंग बिजली कंपनी के कंट्रोल रूम भेजेगा। हर मीटर रेडियो फ्रिक्वेंसी सिग्लन भेजेगा जो बिजली कंपनी के रिसीवर ग्रहण करेंगे और कंट्रोल रूम भेजेंगे। ठीक उसी तरह जिस तरह पुलिस का वायरलेस सिस्टम होता है। संबंधित जोन में रेडियो फ्रिक्वेंसी नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जिसमें एंटीना लगाया जाएगा। इनके जरिये उपभोक्ता के मीटरों के सिग्नल कंट्रोल रूम तक भेजे जाएंगे।
ये होगा फायदा
स्मार्ट मीटर लगने के बाद तय समय पर अपने आप रीडिंग दर्ज होगी और बिल बन जाएंगे। मीटर में छेड़छाड़ की जानकारी भी तुरंत कंपनी तक पहुंच जाएगी। कनेक्शन काटने के लिए भी कर्मचारी को घर नहीं आना होगा। हर मीटर का एक आईडी नंबर होगा।
कंट्रोल रूम से जब चाहे, उस पर बिजली सप्लाय बंद कर दी जाएगी। इसके बाद बिजली कंपनी के लिए क्षेत्रवार इंडेक्सिंग और खपत के मुकाबले बिलिंग का हिसाब आसान हो जाएगा यानी चोरी और लॉस घटेगा। इस लिहाज से कंपनी सबसे पहले शहर के उन हिस्सों में इन मीटरों को स्थापित करेगी जहां चोरी ज्यादा होती है।
फरवरी से काम शुरू
देश में स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी खरीदी पश्चिम क्षेत्र कंपनी कर रही है। फरवरी में इनके लगाने का काम शुरू हो जाएगा। शहर के 15 जोन जहां चोरी की आशंका ज्यादा है, वहां पहले चरण में इन्हें लगाया जाएगा। -आकाश त्रिपाठी, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी






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