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दो वर्षीय मासूम बालिका के साथ दुष्कृर्म भड़की हिंसा, घरों, दुकानों और बाइकों को किया आग के हवाले

शिवपुरी/खनियांधाना। खनियाधाना थाना अंतर्गत एक दो साल की मासूम से आज सुबह सफाईकर्मी ने दुष्कर्म कर दिया। चीख सुनकर पहुंची महिलायें तो आरोपी ने मासूम की हत्या का किया प्रयास। रंगे हाथ पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने आरोपी सहित बस्ती में आग लगा दी। 

सुबह करीब 9 बजे दो वर्षीय बालिका अस्पताल के पीछे अपने निवास स्थान पर खेल रही थी। उसी समय कबाड़ा बीनने का काम करने वाला आरोपी देवा पुत्र रूपचंद बाल्मिक निवासी वार्ड क्रमांक 2 वंशीवट मोहल्ला वहां पहुंचा और उसने मासूम का मुंह बंद कर उसे घर के थोड़े आगे स्थित एक दीवार के किनारे ले गया। जहां आरोपी ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। बालिका के चिल्लाने पर मासूम की मां वहां पहुंची और बालिका की हालत देखकर वह विचलित हो उठी लेकिन हिम्मत कर उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची जहां पुलिस आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर पिछोर ले गई। जिस पर लोग उग्र हो गए और उन्होंने बस स्टैण्ड पर जाम लगा दिया। धीरे-धीरे लोगों का मजमा बढऩे लगा और देखते ही देखते भीड़ ने हिंसक और उग्र रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते पूरा बाजार बंद हो गया। दोपहर तक मासूम बालिका के परिजन और समाज के लोग सड़कों पर जाम लगाए रहे। जिन्हें समझाने के लिए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात कर दिया गया। बालिका की मां बालिका को गोद में लेकर सड़क पर बैठी रही और उसके परिजन व समाज के लोग आरोपी पर कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए अड़े रहे। 

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खनियांधाना पुलिस की निष्क्रिता

उग्र भीड़ को शांत करने में खनियांधाना पुलिस की निष्क्रियता सामने आई। थाना प्रभारी सहित पुलिस खड़ी रही और भीड़ दुकानों को लूटती रही। शिवपुरी से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य के पहुंचने पर उनके द्वारा मोर्चा संभाला और लोगों को सख्त कार्यवाही का आश्वासन देते हुए समझाइश दी गई तब कहीं जाकर माहौल शांत हो सका। इस दौरान भीड़ ने थाना प्रभारी सहित पुलिस मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। 

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थाने में टीआई पदस्थ करने की उठी मांग

इस पूरे मामले में खनियांधाना पुलिस थाने की भूमिका पर भी सवाल उठना शुरू हो गए हैं क्योंकि इतने बड़े क्षेत्र होने के बावजूद यहां पर कोई टीआई की नियुक्ति नहीं की गई है। लोगों का मानना है कि प्रभारी के भरोसे यहां का थाना चल रहा है इसलिए यहां के लोगों ने तत्काल खनियाधाना में टीआई रैंक के अधिकारी को पदस्थ करने की मांग की है। 

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तीन घंटे तक सुलगता रहा खनियाधाना

दोपहर 11 बजे पीडि़त बच्ची के परिजन बच्ची को लेकर बस स्टेण्ड पहुंचे तो वहाँ समाज के लोग इकट्ठे होना शुरू हो गए। सबसे पहले बस स्टैंड पर लोगों की भीड़ ने पूरा रोड जाम कर दिया तथा दुकानें बंद कर आना शुरु कर दिया साथ ही बस स्टैंड के ठीक पीछे बने वार्ड नं 3 में वाल्मीकि समाज की बस्ती में पहुंचकर आरोपी युवक के घर तथा समाज के करीब दो दर्जन मकानों को आग लगा दी तथा तोड़-फोड़ करना शुरु कर दी जिसमें दो मोटरसाइकिल जलकर राख हो गई तथा धुंए की लपटें दूर दूर तक दिखने लगी। इसके अलावा बस स्टैंड पर एक बाल्मीक समाज की गुमटी को भी आग के हवाले कर दिया गया। उग्र भीड़ ने गांधी चौक स्थित बाल्मीक समाज के करीब एक दर्जन घरों को निशाना बनाकर घर के सामान को आग लगा दी तथा 3 मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया।  तीन-चार घंटे तक सड़को़ पर उग्र भीड़ का तांडव चलता रहा और पुलिस थाने में ही बैठकर लोगो की भीड़ को नियंत्रित करती रही। थाने के सामने भी भीड़ ने बिजली के पोल डालकर रोड जाम कर दिया।

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गर्भवती महिला के साथ की मारपीट

उग्र भीड़ ने एक गर्भवती महिला के साथ भी मारपीट की जिससे उसकी हालत बिगड़ गयी। इसके अलावा घटना में एक युवक का हाथ भी फ्रेक्चर होना बताया जा रहा है। 

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शराब की दुकान पर की लूटपाट

उग्र भीड़ ने बस स्टैंड पर स्थित देशी-विदेशी शराब की दुकान पर हमला कर पूरी शराब को लूट लिया। लोग पेटी की पेटी लेकर भागते दिखे। करीब 1 घंटे तक जब दुकान लुटती रही तब कहीं जाकर जिले से आए एडिशनल एसपी कमल मौर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर लोगों को खदेड़ा तथा पूरा बस स्टैंड खाली कराया तब जाकर अराजकता का माहौल शांत हुआ।  शराब की दुकान को निशाना बनाने के पीछे लोगों का यह भी कहना रहा कि नगर के मुख्य बस स्टैंड पर ही पिछले कई वर्षों से यह शराब की दुकान संचालित होती है जिससे क्षेत्र में अपराधों के बढ़ाने में इसकी प्रमुख भूमिका रहती है इसको यहां से हटाने के लिए कई बार लोगों ने प्रशासन से मांग की थी।

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एक घंटे तक तालाब में छुपा रहा आरोपी 

सुबह 9 बजे आरोपी ने मासूम बालिका को उसके घर से अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब आरोपी को दुष्कर्म करते हुए बालिका की मां ने देख लिया तो वह दौड़कर पास में स्थित एक तालाब में कूद गया और लगभग 1 घंटे तक वह पानी में छिपा रहा। जिसे वहां मौजूद भीड़ ढूंढ़ती रही। बताया जाता है कि आरोपी सांस लेने के लिए कुछ देर के लिए बाहर निकलता और फिर छिप जाता, लेकिन जब उसकी छुपने की शक्ति समाप्त हो गई तो वह तैरता हुआ पानी से बाहर निकलने की जुगत में लग गया और इसी दौरान कुछ लोगों ने पानी में कूदकर आरोपी को पकड़ लिया। 

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पुलिस ने भीड़ से आरोपी को छुड़ाया तो उत्तेजित हो गए लोग  

आरोपी देवा बाल्मिक को लोगों ने तालाब से पकड़ लिया और उसकी मारपीट शुरू कर दी। तभी मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को कब्जे में ले लिया और उसे पुलिस वेन में बैठाकर पिछोर के लिए निकल गए। जिससे भीड़ उत्तेजित  हो गई और उन्होंने जाम लगा दिया। भीड़ की मांग थी कि आरोपी को उनके हवाले कर दिया जाए और उनकी यह मांग जब पूरी नहीं हुई तो उन्होंने आरोपी के घर पर जाकर उत्पात मचाया और वहां आग लगा दी। 

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मासूम को मौत के घाट उतारने का किया था प्रयास

दुष्कर्म पीडि़त मासूम बालिका की मां ने हमारे संवाददाता को जानकारी देते हुए बताया कि दुष्कर्म की घटना के बाद आरोपी ने बालिका को मारने का प्रयास किया। तभी उसने आरोपी को देख लिया और उसे पकडऩे के लिए पीछे भागी तो आरोपी तालाब में कूद गया। इसके बाद वह दिखाई नहीं दिया। 

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