खनियाधाना :
खनियांधाना ब्लॉक से 5 किमी.की दूरी पर ग्राम गनेशखेडा मे चल रही भव्य संगीतमय श्री मदभागवत कथा के चतुर्थ दिवस की कथा के अन्तराल मे कथा व्यास ( पं श्री प्रमोद कुमार शास्त्री ) मामौनी खुर्द वालो ने वताया की मनुष्य को कभी भी देह का अभिमान नही करना चाहिए जेसे की गजेन्द्र नाम के हाथी ने किया था लेकिन अन्त समय मे केवल भगवान ही के नाम से ही मुक्ति मिली और व्यास जी ने वताया की मनुष्य को भगवान की कथा का श्रवण करते रहना चाहिए और व्यास जी समुद्र मंथन की कथा का श्रवण कराया जिसमें से 14 रत्नो की प्राप्ति हुई आगे व्यास जी ने कहा की जव जव धरती पर अत्याचार वडता तव तव मेरे प्रभु अवतार लेते है जेसे की त्रेता युग मे रावण के अत्याचार को देखकर राम रुप मे आकर भक्तो के कस्ट को दूर किया और द्वापर मे कृष्ण रुप आकर कंस के अत्याचार से भक्तो को मुक्ति दिलाई , भगवान श्री कृष्ण जन्मोतस्व की सुंदर कथा का श्रवण कराया जिसमें सुंदर वधाई सुनाई गई जिसमें की संगीत आचार्य अयोध्या प्रसाद जी ( मनपुरा वाले ) व पेड वादक दीपेन्द्र राजा ( आमोल वाले ) ढोलक वादक सुखलाल जी ( दतिया वालो) ने संगीत का सुंदर प्रदर्शन किया जिसमे की कथा के मुख्य यजमान श्री अमोल सिंह वघेल ने भगवान श्री कृष्ण का पूजन किया यह आयोजन समस्त गनेशखेडा वासियों के द्वारा किया जा रहा है





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