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बदरवास को नरक बनाने बालो को क्या कभी आयेगी शर्म

बदरवास- कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने बाले तहसील मुख्यालय बदरवास की हम बात कर रहे है। तो बदरवास कहने को तो तहसील मुख्यालय एवं नगर परिषद का क्षेत्र कहलाता है। किन्तु जहां तक विकास का सवाल है तो शिवपुरी जिले में जितने भी नगर परिषदे कार्यरत है उनमें बदवास सबसे पीछे दिखाई देता है। साफ सफाई से लेकर अतिक्रमण के मामले में बदरवास ने पंचायत मुख्यालय पोहरी को भी पीछे छोड रखा है। पोहरी बैसे तो तहसील मुख्यालय है किन्तु यहां नगर परिषद के जगह बर्तमान में पंचायती राज व्यवस्था कायम है जिले में जितने भी नगर परिषदे मौजूद है। उनके विकास की तुलना यदि हम बदरवास से करे तो बदरवास सबसे पीछे नरक की तरह दिखाई देता है। बदरवास की तुलना नरक से करने का एक नही वल्कि ऐसे अनेक कारण है जिनके कारण बदरवास शिवपुरी जिले में सबसे पीछे एवं नरक की तरह बदसूरत दिखाई देता है। 
बदरवास तहसील मुख्यालय पर भले ही वाईपास चालू हो गया हो किन्तु बदरवास के मुख्य मार्ग गोलनदास मंदिर से लेकर पैट्रोलपम्प जो कि तीन किलो मीटर की दूरी पर मुख्य मार्ग पर मौजूद है। इस बीच अतिक्रमण की यह स्थिति है कि अतिक्रमण के कारण बदरवास के मुख्य मार्ग से सुरक्षित निकलना भी संभव नही है। अतिक्रमण के कारण बदरवास में वाहर से आने बाले लोगो को चार पहिया वाहन तक खडे करने तक को जगह नसीब नही हो पाती। बदरवास से होकर जिनते भी गांवो को जोडने बाले मार्ग है। किसी भी मार्ग पर यदि आमने सामने दो बाहन आ जाये तो वाहनो का निकलना संभव नही है। चाहे वारई मार्ग हो, ऐजवारा मार्ग हो, विजरौनी मार्ग हो या अन्य जितने भी गांवो को जोडने बाले मार्ग है। उन सभी मार्गो पर स्थाई एवं अस्थाई अतिक्रमण के कारण दो वाहन तो दूर की बात है एक वाहन तक को ठीक से निकलने तक को जगह सुरक्षित नही है। 

कॉलोनियो के रास्ते मामूली वारिश में बने वूचडखाना

बदरवास तहसील मुख्यालय की हम बात कर रहे है तो यहां दो तरफा राजनीति के कारण बदरवास जिले की सबसे पिछडी हुई फिसडडी नगर परिषद के रूप में दिखाई देती है। यहां दो तरफा राजनीति होती है स्थानीय निकाय एवं लोकसभा के चुनावो में कांग्रेस तो विधायकी के चुनावो में भाजपा की जीत दो मुंही राजनीति की गवाही देती है। राजनीति एक अलग विषय है किन्तु स्थानीय समस्याओ पर हल न होने के कारण बदरवास के लोग पहली वारिश में ही दल दल में रहने को मजबूर है बदरवास के वारई मार्ग, हनुमान कॉलोनी मार्ग, इन्द्रा कॉलोनी मार्ग, एजवारा मार्ग की हालत यह है कि यहां मुख्यमार्ग से लेकर चारो तरफ नाले एवं वरसाती पानी से लेकर गंदा पानी जमा होने के कारण स्थानीय रहवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। वारिस के अलावा अन्य गंदा पानी एजवारा मार्ग के सामने स्कूल के पीछे वारामासी भरा रहता है। जिसके कारण इस कॉलोनी के लोग गंदे पानी की बदवू एवं गंदे पानी में पनपने वाले जगरीले जीव जंतुओ के शिकार हो रहे है। बदरवास के लोग स्थानीय राजनीति का शिकार होने के कारण नरकीय जीवन जीने एवं शौचालयो से लेकर कुटीरो में भ्रष्टïाचार तथा चहेतो को देने के आरोप अनेको बार लगा चुके है। किन्तु उप चुनाव के बाद पस्त पडी भाजपा का शिकार स्थानीय लोग भुगत रहे है। 
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