प्रत्याशी ग्वालियर बुलाकर पकड़वाया
ग्वालियर। इवीएम हैक करने के एवज में भिंड से कांग्रेस उम्मीदवार से ढाई लाख रुपया मांगने वाले ठक को पुलिस ने पकड़ लिया है। ठक द्वारा दावा किया जा रहा था कि स्ट्रांग रूम में जाकर इवीएम में दो चिप लगा देगा, जिससे उन्हें मिले वोट इधर से उधर नहीं होंगे बल्कि चिप के जरिए दूसरे वोट उनके खाते में आएंगे। कांग्रेस उम्मीदवार को उसने बुधवार को रेलवे स्टेशन पर सवा लाख रुपया टोकन के साथ बुलाया था। लेकिन उसकी बातों में आने की बजाय उम्मीदवार ने पुलिस को बुला लिया।
रमेश दुबे ने बताया इस बार विधानसभा चुनाव में वह भिंड से कांग्रेस उम्मीदवार हैं, उन्हें शक है कि इस बार मतदान में इवीएम में गड़बड़ी हुई है। इसलिए भिंड में धरना प्रदर्शन किया था। उसके बाद उनको फोन आया था। कॉलर ने उनसे कहा नेताजी अजय सिंह बोल रहा हूं, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने हमें आपसे संपर्क में रहने के लिए कहा है। क्योंकि इस बार चुनाव में इवीएम में काफी धांधली हो रही है, आपने भी चुनाव लड़ा है, अगर जीतना चाहते हो तो ढाई लाख रुपया खर्च करना पड़ेगा।

हम इवीएम में ऐसी चिप लगा दें कि दूसरी पार्टी तमाम कोशिश के बाद भी इवीएम में गड़बड़ी नहीं कर पाएगी बल्कि चिप के जरिए हम तुम्हारे वोट जरूर बढ़ा देंगे। हमारा सॉफ्टवेयर इंजीनियर अजय जोशी तुमसे से संपर्क कर कर सब समझा देगा। रमेश के मुताबिक फिर अजय जोशी का फोन आया, उसने कहा कि वह लखनऊ का रहने वाला है। इस वक्त मुरेना में है। उसे जल्द वापस लौटना है।अपनी इवीएम सुरक्षित रखना चाहते हो तो बुधवार को रेलवे स्टेशन पर सवा लाख रुपया टोकन के साथ मिलो। उसकी बातों से भांप गए कि ठग उन्हें झांसा देकर पैसा ऐंठना चाहता है तो ठग से मीटिंग तय कर पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने बताया ठग नीरज पुत्र शिवराज सिंह राठौर निवासी विद्यापति नगर पैलेस होटल उज्जैन है। इवीएम में धांधली के आरोप की खबरें सुनकर कांग्रेस उम्मीदवार को झांसे में लेकर पैसा ऐंठने की फिराक में था। उसके कब्जे से दो सिम, आधार कार्ड ,मोबाइल फोन और पर्स में कुछ पैसे मिले हैं। शुरुआती इंट्रोगेशन में उसने खुलासा किया है कि उसने अजय सिंह और अभय जोशी के नाम से कांग्रेस उम्मीदवार को फोन किए थे।
सुरक्षा दिखावा, कुछ नहीं होगा
दुबे के मुताबिक ठग अजय उर्फ नीरज का कहना था कि ग्वालियर की दक्षिण और ग्रामीण विधानसभा सीट की इवीएम में उम्मीदवारों को गड़बड़ी की आशंका थी, इसलिए वहां भी उसने चिप लगाई है। उससे बताया कि इवीएम तो स्ट्रांग रूम में है, उसमें तो कोई भी अंदर नहीं जा सकता है। वहां पहरा है, तो ठग ने सख्ती को सिर्फ दिखावा बता दिया। उसका कहना था कि कलेक्टर से बात हो जाएगी। उन्हें सिर्फ निर्वाचन आयोग को फोन करना है। उसके बाद आयोग की टीम के साथ वह स्ट्रांग रूम में जाएगा और इवीएम में चिप फिट करेगा। उसके बाद अगर इवीएम में धांधली की कोशिश होगी तो इवीएम ब्लैंक हो जाएगी।






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