राजस्थान के आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) द्वारा बुधवार को सीकर जिले से आईएसआईएस को धन उपलब्ध करवाने के मामले में गिरफ्तार आरोपी जमील अहमद से सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ शुक्रवार को भी जारी रही.
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को जमील को एक स्थानीय अदालत ने सात दिन के पुलिस रिमांड पर पुलिस को सौंपा था. एटीएस के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि आरोपी को आज स्थानीय अदालत में पेश किया गया. मजिस्ट्रेट ने आरोपी को सात दिन के लिये पुलिस रिमांड पर पुलिस को सौंपा हैं, उसे अदालत में फिर से 24 नवम्बर को पेश किया जायेगा.

आरोपी अहमद को कल सीकर जिले के उसके पैतृक गांव फतेहपुर से गिरफ्तार किया गया था. आरोपी भारत, बांगलादेश, यूएई व अन्य देशों से धन एकत्र कर आईएसआईएस आतंकवादियों को हवाला के जरिये धन उपलब्ध करवाकर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य में लिप्त था.
पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे:
आईएस के ऑपरेटिव जमील अहमद से प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. पूछताछ में पता चला है कि जमील अहमद आंतकी संगठन आईएस के लिए लड़ना चाहता था. अपने बच्चों को भविष्य सुरक्षित करने के लिए उसने मुंबई में पांच फ्लैट खरीद रखे थे. पड़ताल में ये भी सामने आया है कि जमील अहमद को मिलने वाली सवा दो लाख रुपए की सैलरी में से 14 प्रतिशत आईएस को डोनेट होती थी. पूछताछ में ये भी पता चला है कि जमीन पिछले दो सालों से आईएसआईएस के लिए फंड मुहैया करने का काम कर रहा था.



