Press "Enter" to skip to content

दो माह से पेयजल के लिए जूझ रहे डूब प्रभावित,


सतवास।जानकारी के मुताबिक खंडवा जिले के पुनासा में इंदिरा सागर बांध निर्माण हुआ था। बांध में जलसंग्रह के कारण खंडवा एवं देवास जिले के 12 गांवों के 400 परिवार के करीब एक हजार सदस्य डूब में आए थे। इसके बाद नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनएचडीसी) खंडवा ने डूब प्रभावितों को पुनर्वास स्थल सतवास-बड़ौदा में विस्थापित किया था। लेकिन एनएचडीसी के जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते विस्थापित परिवारों के सदस्य वर्तमान में पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। महिलाएं सहित पूरा परिवार पानी के लिए जिसके पास निजी बोरिंग है उससे याचना कर रहे हैं या मोल खरीद रहे हैं। बस्ती की उमाबाई सत्यनारायण, आत्माराम छोगेलाल, बलराम रानिया, राधेश्याम राठौर, धर्मेंद्र जयंतीलाल आदि ने बताया कि बोरिंग का मोटर पंप लंबे समय से खराब था, जिसे एनएचडीसी ने तीन माह पूर्व ही लगवाया था। लेकिन मात्र एक सप्ताह में ही मोटर पंप फिर खराब हो गया। एनएचडीसी के अस्थायी कर्मचारी सरोप वाघेला ने इसकी सूचना खंडवा कार्यालय को दी। इसके बाद वे मोटर निकाल कर ले गए। लेकिन करीब 60 दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी अब तक मोटर पंप नहीं लगवाया गया है। रहवासियों ने बताया कि बोरिंग में पर्याप्त पानी है। यदि मोटर पंप लग जाता है तो पेयजल समस्या का निदान हो जाएगा।
इस हफ्ते लगवा देंगे
विभाग को उक्त कार्य के लिए प्रशासकीय अनुमति भोपाल एवं इंदौर से लेनी पड़ती है। अब स्वीकृति मिली है। इसी हफ्ते में सबमर्सिबल मोटर पंप लगवा दिया जाएगा। -नितिन ताम्रकर, उपप्रबंधक, एनएचडीसी खंडवा
More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!