
जिला पंचायत सदस्य दिनेश परिहार ने विधायक पर लगाया गरीबों की अनदेखी का आरोप
शिवपुरी। मध्य प्रदेश सरकार प्रति वर्ष विधायकों को अपने निर्र्वाचन क्षेत्र के गरीब, असहाय, निराश्रित, बीमार और गरीबी रेखा के नीचे जीवन जी रहे अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के व्यक्तियों को सहायतार्थ हेतु स्वेच्छानुदान जारी करती है, लेकिन जिला पंचायत सदस्य दिनेश परिहार का आरोप है कि करैरा विधायक शकुंतला खटीक पात्र व्यक्तियों को स्वेच्छानुदान नहीं दे रही है और इससे कांग्रेस तथा स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने एक ही परिवार के कई व्यक्तियों को स्वेच्छानुदान देकर उपकृत किया है वहीं धनाढयों को भी स्वेच्छानुदान दिया है। कुछ व्यक्तियों को तो एक से अधिक बार भी स्वेच्छानुदान विधायक द्वारा दिया गया है।
विधायक शकुंतला खटीक ने तीन मार्च और 21 मार्च 2017 को दो स्वेच्छानुदान की सूची जारी की हैं। जिला पंचायत सदस्य दिनेश परिहार का आरोप है दोनों सूचियों में एक ही परिवार के कर्ई सदस्यों को स्वेच्छानुदान देकर लाभान्वित किया गया है। उनका यह भी आरोप है कि स्वेच्छानुदान गरीबों को न देकर अपने नजदीकी एवं पारिवारिक रूप से समृद्ध व्यक्तियों को दिया गया है। दोनों सूचितयों में एक ही व्यक्ति को दो बार अनुदान दिया गया है और कहीं उसी परिवार के अन्य सदस्य को दूसरी सूची में लाभान्वित कर दिया गया है। असल गरीब परिवारों तक स्वेच्छानुदान का पैसा पहुंचा नहीं है। 21 मार्च 2017 को जारी सूची में अल्पसंख्यक वर्र्ग के एक परिवार के तीन व्यक्तियों को स्वेच्छानुदान दिया गया है जबकि तीन मार्च की सूची में उसी परिवार के एक अन्य सदस्य को लाभान्वित किया गया है। सूची में ऐसे एक नहीं बल्कि अनेक उदाहरण हैं। जिन अधिकांश लोगों को स्वेच्छानुदान दिया गया है उनको विधायक निधि की कहीं से कहीं तक कोर्ई आवश्यकता नहीं है। लाखों की संपत्ति के मालिक एक व्यक्ति और उसकी पत्नि को स्वेच्छानुदान दिया गया है जिनके पास तीन पक्के मकान और खेती की जमीन हैं। करैरा विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में आदिवासी एवं बीपीएल परिवार निवास करते हैं लेकिन सूची में इन वर्र्गों के एक व्यक्ति को लाभान्वित नहीं किया गया। अनुदान प्राप्त करने वाले एक व्यक्ति जब पूछा गया कि संपन्न होने के बाद भी उन्हें स्वेच्छानुदान की क्यों आवश्यकता है। तो उनका जवाब था कि झांसी शहर में गरीबों को खाना खिलाया जाता है। इसीलिए विधायक जी ने गरीबों की सेवार्थ चंदा देने के लिए मेरे खाते में स्वेच्छानुदान दिया है। दो बार स्वेच्छानुदान प्राप्त करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पूर्र्व में जो सहायता राशि विधायक ने दी थी। हमने उसका उपयोग कर लिया है और दुबारा हमें विधायक ने स्वेच्छानुदान दिया है। उसका भी हम सदुपयोग करेंगे।
एक ही परिवार के कई सदस्य हुए लाभान्वित
करैरा विधायक शकुंतला खटीक ने मार्च माह में जिन लोगों को स्वेच्छानुदान राशि के चैक दिए हैं उनमें से एक ही परिवार के कई सदस्य हैं। 21 मार्च की सूची में जहां श्रीमती गुलबसा बानो पत्नि सलमान, रियाज अली पुत्र जुम्मन अली, सलीम पुत्र रियाज अली, रहीश पुत्र जुम्मन अली एक ही परिवार के हैं वहीं तीन मार्च की सूची में सलमान पुत्र रियाज अली भी इसी परिवार के सदस्य हैं। इसी प्रकार मणिकांत पुत्र शशिकांत, दीपक पुत्र शशिकांत, नितिन पुत्र ओमप्रकाश तथा तीन मार्च की सूची में शशिकांत पुत्र ओमप्रकाश भी एक ही परिवार के हैं। दिनांक 21 मार्र्च की सूची में सोनू पुत्र मोतीलाल, रामवती पत्नि मोतीलाल एक ही परिवार के सदस्य हैं। वहीं बादाम पुत्र रामचरण तथा शंाति बाई पत्नि रामचरण भी एक ही परिवार के सदस्य हैं। विभीषण पुत्र राजेन्द्र सिंह तथा दिग्विजय सिंह पुत्र राजेन्द्र सिंह दोनों भाई है।
लाखों की संपत्ति के मालिक को भी मिला स्वेच्छानुदान
सोनू पुत्र मोतीलाल एवं उनकी माँ रामवती पत्नि मोतीलाल निवासी ढुमघुना के तीन पक्के मकान और खेती की जमीन है। जितेन्द्र पुत्र बादाम सिंह निवासी ढुमघुना का भी पक्का मकान बना है साथ ही खेती की जमीन भी है। नदलाल पुत्र रामदास के पास पक्का मकान होने के साथ-साथ टे्रेक्टर भी है। नंदराम पुत्र रामदास निवासी सिल्लारपुर का भी पक्का मकान बना है। बादामा पुत्र रामचरण के दो मकान हैं। इसके अलावा कर्ई अन्य नाम हैं जिनके पक्के मकान, ट्रेक्टर और वाहन आदि हैं।
इनका कहना है
स्वेच्छानुदान पात्र व्यक्तियों की मदद हेतु दिया जाता है विधायक द्वारा अनुदान राशि हेतु जो सूची भेजी जाती है उसका शासन को जमीनी स्तर पर परीक्षण कराना चाहिए ताकि अपात्र व्यक्तियों को स्वेच्छानुदान न मिल सके। यदि सही मॉनीटरिंग होगी तो ऐसा घोटाला नहीं होकर। वास्तिविक जरूरतमंद व्यक्तियों को इसका लाभ मिलेगा। करैरा विधायक सूची में आदिवासी और बीपीएल परिवार के किसी व्यक्ति का नाम न होने से स्पष्ट है कि किस तरह से शासन के धन का दुरूपयोग किया जा रहा हैै।
दिनेश परिहार जिला पंचायत सदस्य करैरा






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