पिछोर।
पिछोर अस्पताल में आज मलेरिया से पीडि़त भूरी पुत्री बद्री आदिवासी को
उसके परिजन इलाज के लिए दोपहर 12 बजे लेकर आए, जहां इलाज के दौरान उसकी
दोपहर 1 बजे मौत हो गई। भूरी की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर
लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि डॉक्टरों ने उसका समय पर
इलाज नहीं किया इसलिए उनकी पुत्र की मौत हुई है। जबकि अस्पताल स्टाफ का
कहना था कि ये लोग अधिकतर समय झाड़ फूक में गवां देते हैं और समय पर मरीज
को अस्पताल लेकर नहीं आते हैं इसलिए ऐसे हालात बनते हैं।
पिछोर अस्पताल में आज मलेरिया से पीडि़त भूरी पुत्री बद्री आदिवासी को
उसके परिजन इलाज के लिए दोपहर 12 बजे लेकर आए, जहां इलाज के दौरान उसकी
दोपहर 1 बजे मौत हो गई। भूरी की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर
लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि डॉक्टरों ने उसका समय पर
इलाज नहीं किया इसलिए उनकी पुत्र की मौत हुई है। जबकि अस्पताल स्टाफ का
कहना था कि ये लोग अधिकतर समय झाड़ फूक में गवां देते हैं और समय पर मरीज
को अस्पताल लेकर नहीं आते हैं इसलिए ऐसे हालात बनते हैं।





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