मनमाने भाव में खरीदी जा रही किसान की फसल

शिवपुरी। कृषि उपज मण्डी समिति शिवपुरी में इन दिनों व्यापारी और मडी सचिव की मनमानियों के कारण परेशान है और वह इनके शोषण का शिकार होकर मजबूरी में कम दामों पर फसल बेचने को मजबूर हैं। कृषि उपज मण्डी में आए किसान कुलदीप शर्मा ग्राम कूढ़ा ने बताया कि वह अपनी फसल को मण्डी में लेकर आया था यहां 5800 रूपये चने की फसल के वाजिब दाम मिल रहे थे लेकिन शुक्रवार को जब वह मण्डी आया तो यहां व्यापारी ही मौके पर नहीं मिले करीब 3 घंटे बाद एक व्यापारी आया और उसने अपनी मनमर्जी मुताबिक इस चने की फसल की कीमत 5000 रूपये लगाई जो कि कहीं से कहीं तक कृषक हित में नहीं थी यहां किसान को 800 रूपये का सीधा नुकसान हो रहा था लेकिन जब देर तक कोई अन्य बोली लगाने वाला व्यापारी नहीं आया तो मजबूतर कुलदीप को अपनी फसल 800 रूपये कम में व्यापारी को विक्रय करनी पड़ी। इस संबंध में कुलदीप ने मण्डी अपने संबंधी डायरेक्टर को शिकायत की और फसल का वाजिब दाम ना मिलने को लेकर नाराजगी जताई। वहीं दूसरी ओर कृषि मण्डी के सचिव भी मण्डी से नदारद रहे यही कारण है कि यहां किसानों को शोषण हुआ और वह अपनी परेशानी से स्वयं जूझता रहा। यहां कृषकों का आरोप है कि व्यापारी और मण्डी सचिव की मिलीभगत होने के कारण कृषकों को अपनी फसल औने-पोने दामों पर बेचनी पड़ रहा है इस मामले में किसानों ने जिला प्रशासन से उचित कार्यवाही की मांग की है। यहां बतादें कि कृषि मण्डी में आए दिन फसल को औने-पौने दामों पर खरीदी को लेकर यह हालात आए दिन निर्मित होते है या यूं कहें कि कई व्यापारी मिलीभगत कर कृषक की फसल कम दाम में खरीदने के लिए गु्रप बना लेते है तो कई बार मण्डी सचिव से सांठगांठ कर व्यापारी कृषक की फसल का क्रय कर लेते है।






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